Ncert Solution For Class 8th व्यापार से साम्राज्य तक पाठ- 2 लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

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Ncert Solution For Class 8th व्यापार से साम्राज्य तक पाठ- 2 लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर के इस post में आप सभी विद्यार्थियों का wellcome है, इस post के माध्यम से सभी विद्यार्थियों के लिए पाठ से जुड़े महत्वपूर्ण सभी वह Qustion जो पिछले कई Exams में पूछे जा चुके हैं, उन सभी प्रश्नों को आपके लिए इस post पर cover किया गया है, जो Exams की दृष्टि से काफी important है, तो चलिए शुरू करते हैं-

Ncert Solution For Class 8th व्यापार से साम्राज्य तक पाठ- 2 लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

व्यापार से साम्राज्य तक पाठ- 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
व्यापार से साम्राज्य तक पाठ- 2 लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
व्यापार से साम्राज्य तक पाठ- 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

1 अंग्रेज टीपू सुलतान से क्यों भयभीत थे?
उत्तर-टीपू सुलतान ने कंपनी के व्यापारिक हितों पर आघात किया। उसने अपने रियासत के बंदरगाहों से चंदन, काली मिर्च, लायची के निर्यात पर रोक लगा दी।

साथ टीपू सुलतान ने फ्रांसीसियों की मदद से अपनी सेना का आधुनिकीकरण भी किया। फ्रांसीसियों के साथ बढ़ते संबंध से अंग्रेज काफी सशंकित हो गये।

2 नवाब ने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद क्यों स्थानांतरित कर दिया?
उत्तर-औरंगजेब के फरमान द्वारा निःशुल्क व्यापार करने की अनुमति कंपनी को मिल गई थी, जिसका फायदा कंपनी उठा रही थी।

परंतु कंपनी के अफसर भी अपना निजी व्यापार करते थे और शुल्क चुकाने से बचते थे। जिस कारण बंगाल के नवाब मुर्शिद कुली खाँ से कंपनी का टकराव होने लगा।

साथ ही साथ अंग्रेजों के षडयंत्र से बचने के लिए नवाब मुर्शिद कुली खाँ ने बंगाल की राजधानी को ढाका से मुर्शिदाबाद स्थानांतरित कर दिया।

3 प्लासी का युद्ध अंग्रेजों ने किस प्रकार से जीता ?
उत्तर-23 जून 1757 ई० मुर्शिदाबाद के दक्षिण में 22 मील की दूरी पर स्थित प्लासी नामक स्थान में सिराजुद्दौला और रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना के बीच लड़ाई हुई।

सेनापति मीरजाफर के विश्वासघात के कारण नवाब की हार हुई। प्लासी का युद्ध एक नाममात्र का युद्ध था। यह युद्ध कुछ ही घंटों में समाप्त हो गया था।

4 बक्सर युद्ध के क्या परिणाम हुए ?
उत्तर-बक्सर युद्ध के परिणाम-
(क) अंग्रेजों ने मीर कासिम, सिराजुद्दौला व सम्राट शाहआलम की सेनाओं को बुरी तरह परास्त किया। बक्सर की लड़ाई भारत में अत्यंत निर्णायक सिद्ध हुई। उसने प्लासी की लड़ाई का कार्य पूरा किया।

(ख) 1765 ई० में अवध के नवाब सिराजुद्दौला तथा मुगल सम्राट शाहआलम ने इलाहाबाद में क्लाइव से समझौता कर कंपनी को बंगाल, बिहार व उड़ीसा की दीवानी दे दी।

5 दिल्ली पर शासन करने का मराठों का सपना क्यों पूरा नहीं
उत्तर-पानीपत की तीसरी लड़ाई में हार के पश्चात् मराठा को कई राज्यों में बाँट दिया गया था। इस हार के साथ दिल्ली से पूरे देश पर शासन चलाने का उनका सपना टूट गया। सिंधिया, गायकवाड़, होल्कर और भोंसले अलग-अलग राज्यों में शासन चला रहे थे।

अंग्रेजों व मराठों के बीच तीन युद्ध हुए। पहला युद्ध 1782 ई० में सालबाई की संधि के साथ खत्म हुआ। दूसरे आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-05) के पश्चात् आगरा व दिल्ली के कई भू-भाग अंग्रेजों के कब्जे में आ गए।

तीसरे युद्ध (1817-19) के बाद अंग्रेजों ने मराठों की ताकत को पूरी तरह से कुचल दिया। उपर्युक्त कारणों से दिल्ली पर शासन करने का मराठों का सपना पूरा नहीं हो सका।

6 प्लासी के युद्ध को नाममात्र का युद्ध क्यों माना जाता है ?
उत्तर-प्लासी के मैदान में 23 जून, 1757 को राबर्ट क्लाइव की सेना और सिराजुद्दौला की सेना आमने-सामने हुई। यह युद्ध कुछ ही घंटों में समाप्त हो गई क्योंकि सिराजुद्दौला की सेना राबर्ट
क्लाइव को मन से साथ दे रही थी। इसलिए इस युद्ध को नाममात्र का युद्ध माना जाता है। JAC Board