वन एवं वन्य जीव संसाधन पाठ-2 | महत्वपूर्ण  लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर , NCERT Solution For Class 10th भूगोल 

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वन एवं वन्य जीव संसाधन पाठ-2 | महत्वपूर्ण  लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर , NCERT Solution For Class 10th भूगोल में आपका स्वागत है , इसमें आपको पाठ से सबंधित सभी लघु उत्तरीय प्रश्न पढ़ने को मिलेगा और उम्मीद है की आपको काफी मदद मिलेगी |

वन एवं वन्य जीव संसाधन class 10 important questions  NCERT Solutions

1 वनों के संरक्षण में लोगों की भागीदारी किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है?
उत्तर- वनों के संरक्षण में लोगों की भागीदारी –
वनों के संरक्षण में लोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है।
(क) कई स्थानों पर लोगों ने पृया काटने के विरुद्ध अपनी आवाज भी उठाई है और वृक्ष काटने वालों को ऐसा कार्य करने से रोका भी है।
(ब) यदि कभी वृया काटने की आवश्यकता भी पड़ जाए तो यह काम संयोजित ढंग से किया जाना चाहिए।
(ग) जहाँ-जहाँ उचित हो सके यहाँ हमें वन महोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए और लोगों को वृक्षारोपण के कार्य में अधिक से अधिक भागीदारी बनाना चाहिए।
2 हिमालयन यव क्या है, ये संकट में क्यों है?
उत्तर-हिमालयन यच (पीड़ की प्रकार का सदाबहार वृक्ष) एक औषधीय पौधा है जो हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में पाया जाता है। पेड़ की गल, पतियों, टहनियों और जड़ों से टकसोल नामक रसायन निकाला जाता है तथा इसे कुछ कैंसर रोगों के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है। इससे बनाई गई दवाई विश्व में सबसे अधिक बिकने वाली कैसर औषधि हैं। इसके अत्यधिक निष्कासन से इस वनस्पति जाति को खतरा पैदा हो गया है।
2 बाघ परियोजना के विषय में संक्षेप में लिखें।
उत्तर-बाध वन्य जीवों की एक महत्त्वपूर्ण जाति है। विश्व भर में इसके तेजी से घटती हुई संख्या से चिन्तित हो विश्व के वन्य प्रेमियों ने 1973 ई० में बाघों की सुरक्षा के लिए बाघ परियोजना तैयार की।
यहाँ याद रहे कि 20 वीं शताब्दी के आरम्भ में बाघों की अनुमानित संख्या जो 55,000 थी वह 1973 में घटकर केवल 1827 रह गई। बाघों की गिनती में इस गिरावट के कुछ मुख्य कारण थे- व्यापार के लिए बाघों को मारना. उनके आवासीय स्थलों का कम होते जाना, एशिया के देशों में उनकी हड्डियों का दवाईयों में प्रयोग आदि। क्योंकि भारत और नेपाल विश्व के लगभग दो-तिहाई बाधों को निवास उपलब्ध करवाते हैं, इसलिए इन दोनों देशों पर बाघ संरक्षण की जिम्मेदारी अधिक बढ़ जाती है। भारतीय सरकार ने 1973 की बाध परियोजना के अन्तर्गत कोई 27 बाघ रिजर्व स्थापित किए इनमें से कुछ मुख्य बाघ रिजर्व इस प्रकार हैं-
उत्तराखण्ड में कारबेट राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिमी बंगाल में सुन्दरवन राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश में बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान में सरिस्का वन्य जीव पशु विहार, असम में मानस बाघ रिजर्व और केरल में पेरियार बाघ रिजर्वो आदि। इन बाघ रिजर्वो की स्थापना से इस अमूल्य निधि को बचाए रखना सम्भव हो गया है।

वन एवं वन्य जीव संसाधन के प्रश्न उत्तर पाठ 2 Ncert Solution For Class 10th

4 वन संरक्षण के उपायों का वर्णन करें।
उत्तर-वन एक महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा हैं। ये देश के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः वन-संरक्षण के लिए निम्नांकित उपाय अपनाकर, वन समस्या का हल किया जा सकता है-
(क) वनों की अंधाधुंध कटाई पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है।
(ख) अति चराई पर रोक लगाई जाए।
(ग) वनों से वृक्ष काटने पर उनके स्थान पर वृक्षारोपण करना आवश्यक है।
(घ) वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए, क्षेत्रों का निर्धारण करना चाहिए।
(ङ) वन क्षेत्रों को संरक्षित करने की नितांत आवश्यकता है।
(च) लकड़ी के ईंधन का उपयोग कम-से-कम हो, उसके लिए पूरक साधनों का विकास किया जाए।
(छ) वनों को हानिकारक कीड़े, मकोड़ों, बीमारियों, आग आदि से सुरक्षित रखा जाए।
(ज) वनों की उपयोगिता और उसकी महत्ता की जानकारी के लिए जनचेतना व जनजागरण पैदा किया जाए।
5 जैव आरक्षित क्षेत्र क्या है ?
उत्तर-जैव आरक्षित क्षेत्र एक बहुउद्देश्य सुरक्षित क्षेत्र होता है जहाँ वैज्ञानिक, स्थानीय लोग एवं सरकारी अधिकारी मिलकर कार्य करते हैं ताकि वन्य-प्राणियों और प्राकृतिक सम्पदा की अच्छे ढंग से सुरक्षा की जा सके अथवा उनका उचित उपयोग किया जा सके।
ऐसे क्षेत्रों में कृषि-कार्यों को करने की, विशेषकर स्थानीय लोगों को आज्ञा दे दी जाती है और उन्हें नौकरियाँ भी उपलब्ध कराई जाती है। सैलानियों को भी स्वतन्त्र रूप से आने दिया जाता है। ताकि आर्थिक संसाधनों को बढ़ाया जा सके।
6 वनस्पति जगत और प्राणी जगत में अन्तर करें।
उत्तर-किसी देश की वनस्पतियों में उस देश का समस्त वनस्पति जगत शामिल होता है। इसमें चनों में उगने वाले वृक्ष, मनुष्य द्वारा उगाए गए फूलदार और बिना फूलों वाले वृक्ष, घास वाले क्षेत्र व झाड़ियाँ आदि सम्मिलित हैं। भारत में लगभग 49,000 जातियों के पौधे पाए जाते हैं। इनमें से 5,000 ऐसे हैं जो केवल भारत में ही मिलते हैं।
जीव जन्तुओं में पक्षी, मछलियों और पशु आदि शामिल हैं जिनमें स्तनीय पशु, रंगने वाले पशु. कीड़े-मकोड़े, जल और स्थल में रहने वाले प्राणी आदि सम्मिलित है। भारत का पशु-जगत धनी तथा विभिन्न प्रकार का है। भारत में पशुओं की लगभग 81.000 जातियों है।

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