वाक्य-विचार सम्पूर्ण जानकारी क्लास 5 से 10

वाक्य-विचार

वाक्य-विचार सम्पूर्ण जानकारी परिचय

वाक्य-विचार सम्पूर्ण जानकारी के इस ब्लॉग में आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है , आपके माइंड में यदि वाक्य से सबंधित यदि कोई अधूरी जानकारी है तो वह आज वह अधूरी जानकारी पूरी होने वाली है , अतः आप सभी विद्यार्थी से निवेदन है की यदि आप इस ब्लॉग तक आ गए है तो बने रहे ताकि आपको इसके विषय में सम्पूर्ण जानकारी मिल सके , इनसे जुड़ी हर तरह की जानकारी आपको यहाँ मिलिगी , तो चलिए शुरू करते है –

1. वाक्य किसे कहते हैं 

उत्तर- ऐसा सार्थक शब्द समूह जो व्यवस्थित तथा पूरा आशय प्रकट करे, वाक्य कहलाता है अर्थात् जिस शब्द समूह से वक्ता 

अपने भाव को पूर्ण रूप से व्यक्त कर सके।

वाक्य के दो अंग है- 

  • उद्देश्य और
  • विधेय।

 उद्देश्य- वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा गया हो, वह उद्देश्य होता है।विधेय– उद्देश्य के विषय में जो कुछ कहा जाए, उसे विधेय कहते हैं। 

  उद्देश्य                           विधेय
सोहन            
परिश्रमी व्यक्ति         
तेजस्वी चाणक्य           
पढ़ता है।     
सफल रहता है।      
मंत्री बनने में सफल रहा।   
उद्देश्य और विधेय।

रचना के आधार पर वाक्य के भेद
रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं-

  • साधारण वाक्य, 
  • संयुक्त वाक्य तथा 
  • मिश्र वाक्य ।

 साधारण वाक्य- जिन वाक्यों में उद्देश्य और एक ही विधेय पाया जाए, अथवा जिस वाक्य में एक ही समापिका क्रिया हो,             उसे साधारण वाक्य कहते हैं। 

जैसे-  बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।          

पानी बरस रहा है।           

सैनिक देश की रक्षा करते हैं।

 संयुक्त वाक्य- जिस वाक्य में एक से अधिक स्वतंत्र वाक्य किसी योजक  द्वारा जुड़े हुए हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।

  जैसे- आप चाय पियेंगे या शीतल पेय।          

मैं भी आपके साथ चलता किंतु मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

मिश्र वाक्य- जिस वाक्य में एक से अधिक साधारण वाक्य वापस में इस  प्रकार जुड़े होते हैं कि उनमें से कोई एक उपवाक्य प्रधान            होता है और शेष उपवाक्य उसके आश्रित होते हैं, उन्हें मिश्र वाक्य कहते हैं। 

जैसे-(क) मालिक ने कहा कि कल छुट्टी रहेगी।            

 प्रधान उपवाक्य- मालिक ने कहा।             

आश्रित उपवाक्य- कि कल छुट्टी रहेगी।

(ख) जो छात्र परिश्रमी होता है, वह सभी को अच्छा लगता है।              

आश्रित उवाक्य- जो छात्र परिश्रमी होता है              

 प्रधान उपवाक्य- वह सभी को अच्छा लगता है।

वाक्य-विचार सम्पूर्ण जानकारी में नीचे कुछ प्रश्न दिए गए है उन्हें निर्देशानुसार उत्तर दें-

1.  गली में शोर होने पर लोग घरों से बाहर निकल आए।     (मिश्र वाक्य में बदलकर लिखें।)

 उत्तर- ज्योंही गली में शोर हुआ त्योंही लोग घर से बाहर निकल आए।

 2.  अध्यापक अपने शिष्यों को अच्छा बनाना चाहता है।     (मिश्र वाक्य में बदलें।)

उत्तर- अध्यापक चाहता है कि उसके शिष्य अच्छे बने। 

3. सफेद कमीज वाले छात्र को यह कलम दे दो।     (मिश्र वाक्य में बदलें।) 

उत्तर- यह कलम उस छात्र को दे दो, जिसने सफेद कमीज पहन रखी है। 

4. वह घर गया और काम करने लगा।(सरल वाक्य में बदलें।)

उत्तर- वह घर जाकर काम में लग गया। 

5. मुझे एक व्यक्ति मिला, जो सुस्त था।(सरल वाक्य में बदलें) 

मुझे एक सुस्त व्यक्ति मिला।

 6.यह वही बच्चा है, जिसे कुत्ते ने काटा था।(साधारण वाक्य में बदलें।)

उत्तर- इस बच्चे को कुत्ते ने काटा था। 

7. वह मुझसे कहता है कि आओ।(सरल वाक्य में बदलें।)

उत्तर- वह मुझे आने के लिए कहता है। 

8. वह खाना खाकर सो गया।(संयुक्त वाक्य में बदलें।)

उत्तर- उसने खाना खाया और सो गया।

9.मेहनत करने पर भी मजदूरों को भरपेट रोटी नहीं मिलती।(संयुक्त वाक्य में बदलें।) 

उत्तर- मजदूर मेहनत करते हैं, फिर भी उन्हें भरपेट रोटी नहीं मिलती। 

10. आप अंदर बैठकर देर तक बातें करें।(संयुक्त वाक्य में बदलें।) 

उत्तर- आप अंदर बैठ जाएँ और देर तक बातें करें।

11.सचिन अच्छा खिलाड़ी है, लेकिन कभी-कभी नहीं खेल पाता।  (सरल वाक्य में बदलें।)

उत्तर- सचिन अच्छा खिलाड़ी होने पर भी कभी-कभी नहीं खेल पाता है। 

12 . अरे! रात भूचाल आया था।(अर्थ की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखें।)

उत्तर- विस्मयादिबोधक वाक्य। 

13 .आप बाहर चले जाइए।(अर्थ के आधार पर वाक्य-भेद लिखें।)

उत्तर-आज्ञार्थक वाक्य।

14 . पृथ्वी गोल है।(निषेधात्मक वाक्य में बदलें।)

उत्तर- पृथ्वी गोल नहीं है। 

15 . आज कितनी गर्मी है।(विस्मयादिबोधक वाक्य में बदलें।)

उत्तर- ओह! आज कितनी गर्मी है।

 वाक्य-विचार सम्पूर्ण जानकारी में वाक्य विश्लेषण के बारे जानते है

1. वाक्य विश्लेषण किसे कहते हैं ? 

उत्तर- वाक्य विश्लेषण या वाक्य विग्रह का अर्थ है- किसी वाक्य का कर्ता, कर्ता का विस्तार, कर्म, कर्म का विस्तार, कारक, क्रिया विशेषण, क्रिया, योजक आदि को अलग-अलग करना और उसका  परास्परिक संबंध बताना ।

2. वाक्य विश्लेषण के भेदों का वर्णन करें।

 उत्तर- रचना के अनुसार वाक्य तीन प्रकार के होते हैं-         

  • सरल वाक्य,         
  • संयुक्त वाक्य और        
  • मिश्र वाक्य। 

सरल वाक्य का विश्लेषण- सरल वाक्य में सबसे पहले वाक्य दो भागों में  विभक्त किया जाता है-

  • उद्देश्य और
  •  विधेय। 

उद्देश्य- वाक्य में जिसके बारे में कुछ जाए। इसके अंतर्गत कर्ता तथा  उसका   विस्तार आता है। विधेय- उद्देश्य के संबंध में जो कुछ कहा जाए। इसके अतंर्गत निम्न पद आते हैं- कर्म, कर्म का विस्तार, क्रिया, क्रिया का विस्तार,       क्रिया विशेषण, पूरक, पूरक का विस्तार, अन्य कारकीय पद।

 जैसे- बुद्धिमान चाणक्य ने प्रतापी चंद्रगुप्त को मगध का सम्राट बना दिया।        (क) उद्देश्य- चाणक्य ने, उद्देश्य का विस्तार- बुद्धिमान        (ख) कर्म- चंद्रगुप्त को, कर्म का विस्तार- प्रतापी, क्रिया- बना दिया,  पूरक सम्राट, पूरक का विस्तार- मगध का।


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 संयुक्त वाक्य का विश्लेषण- संयुक्त वाक्य में सबसे पहले दो उप वाक्यों  को सरल वाक्य में लिखा जाता है- प्रथम वाक्य प्रधान उपवाक्य  और  दूसरा उपवाक्य समानाधिकरण उपवाक्य कहलाता है। योजक शब्द को अलग दिखाकर समुच्चयबोधक अव्यय या योजक लिखकर दर्शाया जाता है।

 जैसे- शाम हुई और सभी पक्षी घर लौट गए।   

 (क) प्रधान उपवाक्य- शाम हुई।   

 (ख) योजक- और।    

 (ग) समानाधिकरण उपवाक्य- सभी पक्षी घर लौट गए।

12. उसने घर आकर स्नान किया।(संयुक्त वाक्य में बदलें।) 

उत्तर- वह घर आया और उसने स्नान किया।         

अर्थ की दृष्टि से वाक्य के भेद-अर्थ की दृष्टि से वाक्य आठ प्रकार के होते हैं

(क) विधानवाचक व कथनात्मक वाक्य- जिस वाक्य में किसी क्रिया के होने या करने का सामान्य रूप से ज्ञान होता है, उसे विधानवाचक वाक्य कहते हैं।    

जैसे- जनता ने नेताजी का स्वागत किया,           

सूर्य पश्चिम में अस्त होता है।

(ख) निषेधवाचक या नकारात्मक वाक्य- जिस वाक्य से काम के न होने  का ज्ञान होता है, उसे निषेधवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे- वे आज घूमने नहीं गए।        राम नहीं पढ़ता 

(ग) आज्ञावाचक या विधिवाचक वाक्य- जिस वाक्य से आज्ञा, अनुमति, प्रार्थना आदि का बोध हो, उसे आज्ञावाचक वाक्य कहते हैं।      

जैसे- सोहन को बुलाओ।            

अब यह काम करें। 

(घ) प्रश्नवाचक वाक्य- जिस वाक्य से किसी प्रकार का प्रश्न पूछा जाता है, उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं।     जैसे- कल कौन आया था ?            आप कल कहाँ थे ? 

(ङ) विस्मयादिवाचक या उद्गारवाचक वाक्य- जिस वाक्य से हर्ष विस्मय  घणा, भय, शोक आदि का भाव प्रकट हों, उन्हें विस्मयादिवाचक वाक्य कहते हैं।      

जैसे- ओह! बड़ा जुल्म हो गया, अरे! इतनी लंबी गाडी।

(च) इच्छावाचक वाक्य- जिस वाक्य से वक्ता की इच्छा, कामना, आशीर्वाद  का भाव प्रकट हो, उसे इच्छावाचक वाक्य कहते हैं। 

   जैसे- आपकी यात्रा मंगलमय हो।  

भगवान सबका भला करे

(छ) संदेहवाचक वाक्य- जिस वाक्य से कार्य के होने का संदेह या  संभावना प्रकट हो, उसे संदेहवाचक वाक्य कहते हैं।   

  जैसे- शायद मैं कल जाऊँ।             

संभव है आज वर्षा हो।

 (ज) संकेतवाचक वाक्य- जिस वाक्य में क्रिया का दूसरी क्रिया पर निर्भर  होने का बोध हो, उसे संकेतवाचक वाक्य कहते हैं।  

     जैसे- वर्षा होती तो फसल अच्छी होती।        

 यदि वह परिश्रम करता तो अवश्य सफल होता।

 वाक्य-विचार सम्पूर्ण जानकारी में नीचे कुछ सवाल दिए गए है उन्हें निर्देशानुसार उत्तर दें-

1. मैं दौड़ नहीं सकता।(अर्थ की दृष्टि से वाक्य-प्रकार लिखें।) 

उत्तर- निषेधात्मक (निषेधार्थक) वाक्य । 

2. अपनी-अपनी आस्था के अनुसार नित्य प्रार्थना करनी चाहिए।  (आज्ञार्थक वाक्य में बदलें।)

उत्तर- अपनी-अपनी आस्था के अनुसार नित्य प्रार्थना करो।

 3. सभा में सब लोग शांतिपूर्वक बैठे हैं।     (अर्थ की दृष्टि से वाक्य का प्रकार लिखें।)

 उत्तर- विधानवाचक वाक्य।

 4. अगर वह आया तो मैं चला जाऊँगा।     (अर्थ के आधार पर वाक्य-भेद लिखें।) 

उत्तर- संकेतवाचक वाक्य। 

5 . यदि वह काम करता तो भूखा नहीं मरता।     (अर्थ के आधार पर वाक्य-भेद बताएँ।)

 उत्तर- संकेतवाचक वाक्य ।

 6. कौन आ रहा है ?(अर्थ के आधार पर वाक्य-भेद लिखें।)

उत्तर– प्रश्नवाचक वाक्य।

मिश्रवाक्य का विश्लेषण- मिश्रवाक्य में एक प्रधान उपवाक्य में और अन्य आश्रित उपवाक्य होते हैं।

आश्रित उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं-       

(क) संज्ञा आश्रित उपवाक्य,            

(ख) विशेषण आश्रित उपवाक्य,            

(ग) क्रिया विशेषण आश्रित उपवाक्य।  

जैसे- हमें चाहिए कि हम बातों में ही समय व्यर्थ न करें।   

(क) प्रधान उपवाक्य- हमें चाहिए।    

(ख) संज्ञा आश्रित उपवाक्य- हम बातों में ही समय व्यर्थ न करें।    

(ग) योजक- कि


वाक्य संश्लेषण

1. वाक्य संश्लेषण किसे कहते हैं ? 

उत्तर- संश्लेषण का अर्थ है- मिलाना, जोड़ना या एक करना अर्थात् एक से  अधिक वाक्यों को मिला एक वाक्य बनाना वाक्यों का संश्लेषण कहते हैं।   जैसे

(क) (i) शेर दिखायी दिया। 

(ii) सब डर गए।              

संश्लिष्ट वाक्य- शेर दिखायी देने पर सब डर गए।      

(ख) (i) प्रधानाचार्य सभा में आए। 

(ii) सब विद्यार्थी खड़े हो गए।

संश्लिष्ट वाक्य- प्रधानाचार्य के सभा में आते            

ही सब विद्यार्थी  खड़े हो गए।

 (ग) (i) वह बूढ़ा उठा। 

(ii) उसने लाठी ली। 

(ii) वह चला गया।

संश्लिष्ट वाक्य- उस बूढ़े ने उठकर लाठी ली और चल दिया।     

(घ) (i) सत्य बोलो।

 (ii) कटु सत्य न बोलो। 

संश्लिष्ट वाक्य- सत्य बोलो परंतु कटु सत्य न बोलो।    

(ङ) (i) शिक्षक कक्षा में आए।

 (ii) उन्होंने पढ़ाना शुरू किया।

संश्लिष्ट वाक्य- शिक्षक ने कक्षा में आते ही पढ़ाना शुरू कर दिया।·       

वाक्य रचनांतरण

1. वाक्य रचनांतरण किसे कहते हैं। उत्तर- एक प्रकार के वाक्य को दूसरे प्रकार की वाक्य में बदलने की  प्रक्रिया को वाक्य के रचनांतरण कहते हैं। रचना के आधार पर बिना  अर्थ में परिवर्तन किए सरल वाक्य को संयुक्त वाक्य में या मिश्रित वाक्य में बदल सकते हैं। 

जैसे- (क) सरल वाक्य- सूर्य छिपने पर अंधेरा छाया गया।             

संयुक्त वाक्य- सूर्य छिपा और अंधेरा छाया गया।        

(ख) संयुक्त वाक्य- तुम बाहर गए और वह भी चला गया।            

सरल वाक्य- तुम्हारे बाहर जाते ही वह भी चला गया।       

(ग) सरलवाक्य-परिश्रमीविद्यार्थीउन्नतिकरतेहैं।      

मिश्र वाक्य- जो विद्यार्थी परिश्रमी होते हैं वे उन्नति करते है।        

(घ) मिश्र वाक्य- मैं नहीं जानता कि उसका जन्म कहाँ हुआ।

सरलवाक्य-मैंउसकाजन्मस्थाननहींजानता।      

(ङ) संयुक्तवाक्य-सुबहपहलीबसपकड़ोऔरशामकोलौटआओ।      सरल वाक्य– सुबह पहली बस पकड़कर शाम तक लौट आओ।     (च) संयुक्त वाक्य– निरजा ने कहानी सुनाई और अमिता रो पड़ी।

      मिश्र वाक्य- निरजा ने ऐसी कहानी सुनाई कि अमिता रो पड़ी।      

(छ) मिश्र वाक्य-जिन छात्रों ने परिश्रम किया वे उत्तीर्ण हो गए।     

सरल वाक्य- परिश्रम करने वाले छात्र उत्तीर्ण हो गए।    

 (ज) मिश्र वाक्य- जैसे ही रमेश आया वैसे ही मोहन चला गया।      

संयुक्त वाक्य- रमेश आया और मोहन चला गया।

वाक्य-विचार सम्पूर्ण जानकारी में वाक्य शुद्धिकरण                    

अशुद्ध वाक्य    शुद्ध वाक्य 
क्या आप भोजन किए हैं ? 
आज की ऋतु बहुत खराब है।   
गागर पानी से ठसाठस भरा है। 
उसके घड़ी में कै बजे हैं।  
मैं आपके दर्शन लेने आया था। 
 मैं अपनी आत्मकथा लिखी है। 
तुम तुम्हारा काम करो।  
मेरा काली बकरी मीठा दूध देती है।   यहाँ नहीं लिखो।  
कृपया मेरे घर आने की कृपा करें। 
मैंने आज वहाँ जाना है।    
तेरे को पिताजी ने वहाँ बुलाया।  
जहाँ तुम जाओगे मैं जाऊँगा। 
बच्चों से गुस्सा नहीं करो।  
हत्यारे को मृत्युदंड की सजा मिलेगी। 
हम ये किताब पढ़ लिए हैं। 
विष्णु के अनेकों नाम हैं।  
मैं पुस्तक लाया था। 
गत सप्ताह में परीक्षा होगी।    
क्या आपने भोजन किया है ? 
आज की ऋतु बहुत खराब है।    
पानी से गागर लबालब भरी है।    उसके घड़ी में कितने बजे हैं ?   
मैं आपके दर्शन करने आया था।  
मैंने आत्मकथा लिखी है।   
 तुम अपना काम करो।   मेरी काली बकरी मीठा दूध देती है। 
यहाँ मत लिखो।
  कृपया मेरे घर आए। 
मुझे आज वहाँ जाना है।
पिताजी ने तुझे बुलाया है। 
  जहाँ तुम जाओगे वहाँ मैं भी जाऊँगा। 
 बच्चों पर गुस्सा मत करो।
हत्यारे को मृत्युदंड मिलेगा। 
      मैंने यह किताब पढ़ लिए हैं।
विष्णु के अनेक नाम हैं। 
 मैंने पुस्तक लायी थी।  
गत सप्ताह परीक्षा हुई।
वाक्य शुद्धिकरण


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