समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 दीर्घ उतरीय प्रश्न। Ncert Solution For Class 9th Civics

0

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 दीर्घ उतरीय प्रश्न। Ncert Solution For Class 9th Civics के इस ब्लॉग पोस्ट में आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है, इस पोस्ट के माध्यम से पाठ से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के उत्तर अध्ययन करने के लिए आप सभी विद्यार्थियों को मिलेगा तो चलिए शुरू करते हैं-

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 दीर्घ उतरीय प्रश्न के उतर, Ncert Solution For Class 9th Civics

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 दीर्घ उतरीय प्रश्न के उत्तर
समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 लघु उतरीय प्रश्न के उत्तर
समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 अति लघु उतरीय प्रश्न के उत्तर

1 गैर-लोकतांत्रिक शासन वाले देशों के लोगों को किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है ? वर्णन करें।
उत्तर-(क) ऐसा एक देश म्यांमार है। इसको पहले बर्मा कहा जाता था। इसने 1948 में औपनिवेशक शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की तथा लोकतांत्रिक राज्य बना। हालाँकि 1962 में सैन्य-विद्रोह के कारण लोकतांत्रिक शासन का अंत हो गया था।

(ख) 1990 में लगभग 30 वर्ष पश्चात् पहली बार चुनाव आयोजित हुए। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक लीग की नेता आंग सान सू ची (सू की नाम से लोकप्रिय) इस चुनाव में विजयी रहीं। हालाँकि म्यांमार के सैन्य शासकों ने शासन का त्याग नहीं किया और चुनाव परिणामों को मान्यता नहीं दी। इसके स्थान पर उप-प्रजातंत्र के सू-ची सहित सभी नेताओं को नजरबंद (गृहबंदी) कर
लिया गया।

(ग) राजनैतिक क्रांतिकारियों/कार्यकर्ताओं को नगण्य अपराधों के लिए भी जेल में डाल दिया गया। सार्वजनिक स्थलों पर सैन्य शासन के विरोध में किसी तरह के उत्तेजक भाषण देने वाले या विचारों को प्रकट करने वाले व्यक्ति को 20 वर्ष कारावास दंड की सजा देने की घोषणा की गई है।

(घ) म्यांमार में सैन्य शासित सरकार की प्रपीड़क नीतियों के कारण उस देश के लगभग 6 से 10 लाख लोगों को बेघरबार कर दिया गया है और उन्होंने अन्यत्र शरण ली है।

2 जब सेना लोकतांत्रिक शासन को उखाड़ फेंकती है तो सामान्यतः कौन-सी स्वतंत्रताएँ छीन ली जाती है ?
उत्तर-जब सेना लोकतांत्रिक शासन को उखाड़ फेंकती है, तो सामान्यतः निम्नांकित स्वतंत्रताएँ छीन ली जाती हैं-
(क) लोगों को स्वतंत्र भाषण देने का अधिकार नहीं रहता।

(ख) लोगों को अपने-अपने संगठन स्थापित करने का अधिकार नहीं रहता, जैसे- पोलैंड की कारीगरों (क्रेन में काम करने वालों या बिजली का काम करने वालों) को अपनी ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार नहीं था।

(ग) लोगों को स्वतंत्र रूप से चुनाव में भाग लेने का अधिकार नहीं रहता. जैसाकि प्रजातंत्रीय देशों में रहने वाले लोगों को होता है। उपरोक्त स्वतंत्रताओं के अभाव में लोग तानाशाही या सैनिक सरकारों का बदलना चाहते थे और वहाँ प्रजातंत्रीय सरकारों का निर्माण करना चाहते थे।

3 “संयुक्त राष्ट्र संघ विश्व के राष्ट्रों का एक संघ है जो विश्व में अंतर्राष्ट्रीय कानून, सुरक्षा, आर्थिक विकास तथा सामाजिक समता को कायम रखने में सहायक बना है।” यह कथन किस सीमा तक सही है ?
उत्तर-(क) संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न अभिकरण मानव के स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहते हैं ताकि मानव जीवन को सुख-सुविधापूर्ण बनाया
जा सके।

(ख) महासागर जो किसी एक देश की सीमा के भीतर नहीं आते उनकी व्यवस्था करने के कानून संयुक्त राष्ट्र बनता है।

(ग) जब अन्यायपूर्ण तरीके से एक देश किसी अन्य देश पर आक्रमण करता है तो उस समय क्या होता है ? ऐसी दशा में संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् ही उन देशों के बीच समझौता, शांति और सुरक्षा स्थापित करती है। यह अंतर्राष्ट्रीय सेना को एकजुट करके अन्यायी देश के विरुद्ध दमन कार्यवाही कर सकती है।

(घ) विश्व की सरकारों को जब धन की आवश्यकता पड़ती है तो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ही उन्हें धन देता है। विश्व बैंक भी सरकारों को उधार देता है। उधार देने से पहले संबंधित सरकार को अपने समस्त लेखा इसको दिखाने होते हैं तथा यह संस्था उस सरकार को अपनी आर्थिक नीति में परिवर्तन करने का निर्देश करती है।

4 चिले में लोकतंत्र की पुनः स्थापना के बारे में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर-लोकतंत्र की पुनः स्थापना या वापसी-
(क) पिनोशे की सैन्य तानाशाही उसके द्वारा 1988 में जनमत संग्रह किए जाने का फैसला लिए जाने के साथ ही समाप्त हो गई। उसने सोचा था कि इस चुनाव में लोग उसके पक्ष में मतदान करेंगे।

(ख) चिले के निवासी अपनी लोकतांत्रिक परंपराओं को नहीं भूले थे। उन्होंने पिनोशे के पक्ष में मतदान नहीं किया। इसके फलस्वरूप पिनोशे ने पहले तो सत्ता खोई और फिर उसकी सैन्य शक्तियाँ समाप्त हो गई। अपने अंतिम संबोधन में आयेंदे ने जो विचार व्यक्त किए थे उन्हें प्रकाशित कराया गया। यह विचार था- आतताई, कायरता और राजद्रोह अंततः दण्डित ही होता है।

(ग) राजनैतिक स्वतंत्रता बहाल हो गई। उस दिन से चिले में राष्ट्रपति के चुनाव चार बार आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें भिन्न-भिन्न राजनैतिक दलों ने भाग लिया। धीरे-धीरे देश की सरकार में सेना की भूमिका समाप्त कर दी गई।

(घ) सत्ता में आने वाली चयनित सरकारों ने पिनोशे के शासनकाल में हुए कार्यों की जाँच करने का आदेश दिया। इन जाँचों से यह प्रकट हो गया था कि उसकी सरकार ने केवल निर्दयी और आततायी थी बल्कि भ्रष्ट भी थी।

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 क्वेश्चन आंसर इन हिंदी

5 उन विभिन्न कारणों को बताएँ जिनके फलस्वरूप पिछली शताब्दी में प्रजातंत्र को अपनाया गया।
अथवा, प्रजातंत्र के विस्तार के लिये उत्तरदायी कारणों की व्याख्या करें।
उत्तर-(क) यह सर्वोत्तम प्रकार की सरकार है- जितनी भी विभिन्न प्रकार की सरकारें हैं उनमें सबसे उत्तम प्रजातंत्रीय सरकारें ही सिद्ध हुई हैं। इसके मुकाबले में तानाशाही सरकारें, एक पार्टी की सरकारें तथा राजतंत्र इतने लोकप्रिय नहीं रहे। जब कभी भी किसी तानाशाह या राजतंत्र के विरुद्ध लोगों को उठने का मौका मिलता है, वे उठते हैं और प्रजातंत्र स्थापित करने का प्रयत्न करते हैं। प्रजातंत्र का अपना ही आकर्षण है और जो लोग ऐसे शासन के अभ्यस्त हो जाते हैं वो फिर और प्रकार के शासन की ओर देखते नहीं।

(ख) विचार प्रकट करने की स्वतंत्रता- प्रजातंत्र में सभी नागरिकों को अपने विचार प्रकट करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है। उन्हें ऐसा करने में न तो किसी आतंक का डर रहता है और न ही कैद में जाने का खतरा जैसे चिले, म्यांमार, पुर्तगाल, घाना आदि देशों में प्रायः देखने को मिलता है। प्रजातंत्र में आदमी पिंजरे का पंक्षी नहीं होता, वह स्वतंत्रता की ऊँचाइयों
को छू सकता है।

(ग) लोगों को अपनी सरकार को चुनने का अधिकार होता है- प्रजातंत्र लोगों की अपनी सरकार होती है क्योंकि वे उन द्वारा स्वयं बनाई गई होती है। उनमें से कई स्वयं मंत्री उपमंत्री, राज्यमंत्री तक के पद पर आसीन होते हैं। ऐसी सरकार इसलिए लोगों को अधिक प्रिय होती है।

(घ) प्रजातंत्र में सामाजिक-आर्थिक समानता अधिक सुनिश्चित होती है- जो लोग अनेक सामाजिक एवं आर्थिक कारणों से उत्पीड़ित रहे हों, उन्हें प्रजातंत्र में एक नए जीवन की किरण नजर आती है जहाँ वे अनेक प्रकार के शोषण से अपने आप को बचा सकते हैं

(ङ) प्रजातंत्र की स्थापना में अनेक बाह्य कारणों की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका रहना- आंतरिक कारणों के अतिरिक्त अनेक बाह्य कारणों ने भी प्रजातंत्र की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की, जैसे दूसरे विश्व युद्ध तानाशाह एवं साम्राज्यवादी शक्तियों का निर्बल पड़ जाना, साम्राज्यवादी शक्तियों की आपसी भिडंत या टकराव और 1990 ई० में सोवियत संघ का विघटन आदि। JAC BOARD

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here