समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 लघु उतरीय प्रश्न। Ncert Solution For Class 9th Civics

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समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 लघु उतरीय प्रश्न, Ncert Solution For Class 9th Civics के  ब्लॉग पोस्ट पर आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है , इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी को पाठ से संबंधित महत्वपूर्ण अति लघु उत्तरीय प्रश्न जो काफी बार पिछले परीक्षा में पूछे जा चुके हैं, उन सभी प्रश्नों को इस पोस्ट पर कवर किया गया है, इसलिए कृपया करके इस पोस्ट को जरूर पूरा पढ़ें जिसे आपकी परीक्षा की तैयारी और भी अच्छी हो सके-

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 लघु उतरीय प्रश्न के उत्तर Ncert Solution

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 अति लघु उतरीय प्रश्न के उत्तर
समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 लघु उतरीय प्रश्न के उत्तर
समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 दीर्घ उतरीय प्रश्न के उत्तर

1 राष्ट्रपति आयेंदे बार-बार मजदूरों की बात क्यों करते हैं ? अमीर लोग उनसे नाखुश क्यों थे?
उत्तर-चुनाव में राष्ट्रपति चुने जाने के पश्चात् आयेंदे की सरकार ने गरीबों और मजदूरों की मदद के लिए अनेक उपाय किए।

इनमें शिक्षा पद्धति में संशोधन, बच्चों के लिए मुफ्त दूध और किसानों में भूमि का पुनर्वितरण शामिल थे। मजदूर लोगों के कल्याण हेतु किए गए विशेष कार्यों के कारण आयेंदे ने अपने भाषण में मजदूर को संबोधित किया। अमीर लोग उसका विरोध करते थे, क्योंकि उन्हें उसकी नीतियाँ पसंद नहीं थीं।

2 पोलैंड में एक स्वतंत्र मजदूर संघ क्यों इतना महत्त्वपूर्ण था ? मजदूर संघों की जरूरत क्यों है
उत्तर-पोलैंड में एक स्वतंत्र मजदूर संघ इतना महत्त्वपूर्ण इसलिए था क्योंकि पहली बार किसी साम्यवादी देश में एक स्वतंत्र मजदूर संघ का निर्माण हुआ था।

मालिकों के गैर-कानूनी व्यवहारों का विरोध करने के लिए मजदूरों को संगठित करने हेतु मजदूर संघ आवश्यक होते हैं। मजदूरों मजदूर संघों के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करते हैं।

3 पिनोशे की सरकार के क्रियाकलापों पर प्रकाश डालें।
उत्तर-(क) आयेंदे के समर्थक अनेक लोगों को इस सरकार ने कई यंत्रणाएँ दी और उनकी हत्या करवा दी। प्रजातंत्र के इच्छुक लोगों को भी चुन-चुनकर मरवा दिया गया। इनमें चिले की वायु-सेना का सेनापति अल्बर्टो बैशले और सैन्य-शासन के विरोधी बहुत से अन्य अधिकारी भी सम्मिलित थे।

(ख) जनरल बैशले की पत्नी तथा पुत्री को जेल में डाल दिया गया और कई तरह की यातनाएँ दी गई, सेना ने 3,000 से भी अधिक लोगों की हत्या कर दी।
(ग) बहुत से अन्य लोग गायब दिखाए गए। उनका कोई भी पता नहीं चला कि वे कहाँ गए।

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 Ncert Notes For Class 9th Civics

4 उपनिवेशवाद की समाप्ति पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर-(क) औपनिवेशिक देशों की जनता की स्वतंत्रता पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा वे न केवल औपनिवेशिक शासन से मुक्ति चाहते थे बल्कि अपने भावी नेताओं को भी चुनना चाहते थे। हमारा देश ऐसे कुछ उपनिवेशों में से एक था जहाँ की जनता ने औपनिवेशिक शासन से देश को स्वतंत्र करने के लिए राष्ट्रव्यापी संघर्ष किया।

(ख) इनमें से बहुत से देश 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के तुरंत बाद लोकतंत्र बने। भारत ने 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त की तथा एक गुलाम देश से अपने को एक लोकतंत्रात्मक देश में परिवर्तित करने की यात्रा आरंभ की। इसने शाश्वत लोकतंत्र का आहान किया। पहले के सभी उपनिवेशों को ऐसा अच्छा अनुभव नहीं था।

(ग) पश्चिमी अफ्रीका के एक देश घाना को पहले के उपनिवेशों का एक
उदाहरणस्वरूप लिया जा सकता है। घाना गोल्ट-कोस्ट नाम से अंग्रेजों
का एक उपनिवेश था। यह 1957 में स्वतंत्र हुआ। यह अफ्रीका के
स्वतंत्रता प्राप्त करने वाले देशों में से पहला देश था। इसने अफ्रीका के
अन्य देशों को भी स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित किया।

5 आप पोलैंड के लोकतंत्र के बारे में क्या जानते हैं ?
उत्तर-(क) वर्ष 1980 में पोलैंड में वहाँ की यूनाइटेड वर्कर्स पार्टी की सरकार थी, यह उस काल में पूर्वी यूरोप के बहुत से देशों में सत्तासीन बहुत से कम्युनिस्ट दलों की सरकारों में से एक थी। इन देशों में किसी अन्य दल को शासन करने की अनुमति नहीं दी गई थी।

(ख) जनता कम्युनिस्ट दल के नेताओं या सरकार को अपने स्वतंत्र मत से नहीं चुन सकती थी।
(ग) नेताओं या दल अथवा सरकार के विरुद्ध भाषण देने वालों को कारागार में डाल दिया गया। पोलैंड की सरकार को सोवियत संघ की सरकार का समर्थन और नियंत्रण प्राप्त था जो कि एक विशाल और शक्तिशाली कम्युनिस्ट राज्य था।

6 संयुक्त राष्ट्र की महासभा का क्या कार्य है ?
उत्तर-(क) संयुक्त राष्ट्र के 192 सदस्य देश संयुक्त राष्ट्र की महासभा में मतदान करते हैं। प्रत्येक देश का एक मत होता है। सदस्य देशों के प्रतिनिधियों में से चुने गए एक अध्यक्ष के नेतृत्व में इसकी वर्ष में एक बार नियमित रूप से सभा आयोजित होती है।

(ख) महासभा एक संसद जैसी है जहाँ सभी विषयों पर विचार एवं परिचर्चा होती है। इस अर्थ में संयुक्त राष्ट्र भी एक लोकतांत्रिक संगठन की तरह कार्य करता है। हालाँकि भिन्न-भिन्न देशों के बीच संघर्ष में कार्यवाही करने के किसी फैसले को संयुक्त राष्ट्र नहीं लेता।

7 संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर-(क) संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् पन्द्रह सदस्यों वाली संस्था है जो गंभीर मामलों पर फैसले लेती है। इस परिषद् के पाँच स्थाई सदस्य है- अमेरिका, इंग्लैंड, फ्राँस, रूस और चीन । अन्य दस सदस्यों को महासभा दो वर्ष की अवधि के लिए चुनती है। वास्तविक शक्ति इसके पाँच स्थाई सदस्यों के पास होती है।

(ख) पाँच स्थाई सदस्यों में से विशेषकर अमेरिका ही इस संघ को धन की आपूर्ति करता है। प्रत्येक स्थाई सदस्य को निषेध की शक्ति प्राप्त है। इसका अर्थ यह हुआ कि जब कोई स्थाई सदस्य किसी मुद्दे पर असहमति जाहिर करता है तो उस पर सुरक्षा परिषद् अपना फैसला नहीं
ले सकती है। इस व्यवस्था का बहुत से देश और उनके नागरिक विरोध कर रहे हैं तथा यह माँग उठा रहे हैं कि संयुक्त राष्ट्र एक लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाए।

समकालीन विश्व में लोकतंत्र पाठ 1 क्वेश्चन आंसर इन हिंदी Ncert Solution

8 अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर-(क) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष विश्व के प्रत्येक देश का एकमात्र सबसे बड़ा साहूकार है। इसके 173 सदस्य राज्यों को समान मतदान का अधिकार नहीं है।

(ख) प्रत्येक देश का मत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को दिए गए उसके अनुदान पर निर्भर करता है। इस कोष में मतदान का लगभग आधा अधिकार केवल सात देशों- अमेरिका, जापान, फ्रांस, इंग्लैंड, सउदी अरब, चीन और रूस को है। शेष 166 देशों को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा लिए गए फैसलों में बहुत कम प्रतिभागिता प्राप्त है।

(ग) विश्व बैंक की मतदान प्रणाली में कोई विशेष अंतर नहीं है। विश्व बैंक का अध्यक्ष हमेशा अमेरिका का एक नागरिक बनता है। उसको अमेरिकी सरकार का कोषागार सचिव (वित्तमंत्री) परंपरागत तरीके से चुनता है।

9 पोलैंड में सोलिडेरिटो नामक मजदूर संघ की लोकप्रियता के क्या कारण थे?
उत्तर-(क) इसकी लोकप्रियता का पहला कारण यह था किसी भी साम्यवादी देश में यह पहला मजदूर संगठन था जिसे मान्यता प्राप्त हुई।

(ख) इस मजदूर संघ ने देश में फैले हुए व्यापक भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का विरोध किया।

(ग) इस मजदूर संघ ने बड़ी कुर्बानियाँ की। जब सोलिडेरिटी के सदस्यों ने सरकार के कुप्रबन्ध और भ्रष्टाचार का विरोध किया तो हजारों की गिनती में उन्हें जेलों में डाल दिया गया। परन्तु इस मजदूर संघ ने हड़तालों का अपना दौर जारी रखा। अंत में पोलैंड की सरकार को उनके नेता लेक वालेश के साथ सन्धि करनी पड़ी और स्वतंत्र चुनाव कराने की बात को मानना पड़ा। जब 1990 ई० में चुनाव हुए तो सोलिडेरिटी को सीनेट में 100 में से 99 सीटें प्राप्त हुई और उनका नेता लेक वालेशा पोलैंड का राष्ट्रपति बन गया।

10 प्रजातंत्रीय तथा गैर-प्रजातंत्रीय परिस्थितियों की तुलना करें।
उत्तर-प्रजातंत्रीय तथा गैर-प्रजातंत्रीय परिस्थितियों की तलना-

प्रजातंत्रीय परिस्थितियाँ

(a) प्रजातंत्र में लोग अपनी सरकार की आलोचना कर सकते हैं क्योंकि उन्हें विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।
(b) एक प्रजातंत्रीय देश में लोग एक निश्चित समय के बाद चुनाव द्वारा अपने शासकों को बदल
सकते हैं।
(c) प्रजातंत्रीय देशों में प्रेस की स्वतंत्रता होती है, वे सरकार की नीतियों की आलोचना भी कर सकते हैं।
(d) प्रजातंत्रीय देशों में कारीगरों को अपनी स्वतंत्र ट्रेड यूनियन बनाने की स्वतंत्रता होती है।

गैर-प्रजातंत्रीय परिस्थितियाँ

(a) गैर-प्रजातंत्रीय देशों में लोगों को स्वतंत्र रूप से अपने विचार प्रकट करने की स्वतंत्रता नहीं होती, न ही वे अपनी सरकार की आलोचना ही कर सकते है।
b) परन्तु गैर-प्रजातंत्रीय देश में लोगों को न कोई चुनाव में भाग लेने की और न ही अपने शासक को बदलने की आज्ञा होती है।
(c) गैर-प्रजातंत्रीय देशों में प्रेस पर अनेक प्रकार के अंकुश लगाये जाते हैं। उन्हें सरकार की नीतियों के विरुद्ध जाने की हिम्मत नहीं होती
(d) सैनिक राज्यों में कारीगरों को अपनी ट्रेड यूनियन बनाने की कोई आज्ञा नहीं होती। उन्हें ट्रेड यूनियन बनाना बड़ा महँगा पड़ सकता है। Jac Board

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