सामाजिक न्याय पाठ 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर l ncert solution for class 8th civics

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सामाजिक न्याय पाठ 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर , ncert solution for class 8th civics के इस ब्लॉग पोस्ट में आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी विद्यार्थियों को जो कक्षा आठ में अध्ययन कर रहे हैं, उनके लिए पाठ से जुड़ी सभी दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर इस ब्लॉग पोस्ट पर उपलब्ध कराया गया है, जो परीक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, और पिछले कई परीक्षाओं में भी इस तरह के प्रश्न पूछे जा चुके हैं, इसलिए इस पोस्ट को पूरे ध्यान से अध्ययन करें ताकि परीक्षा की तैयारी करने में आपको भरपूर मदद मिल सके-

सामाजिक न्याय पाठ 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर l ncert solution for class 8th civics

सामाजिक न्याय पाठ 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर
सामाजिक न्याय पाठ 5 लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर
सामाजिक न्याय पाठ 5 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के उत्तर

1 आप समानता से क्या समझते हैं? सामाजिक न्याय पाठ में कितने प्रकार की समानता की चर्चा की गई है। वर्णन करें।
उत्तर-समानता का अर्थ किसी समाज की उस स्थिति से है जिसमें उस समाज के सभी लोग समान अधिकार या प्रतिष्ठा रखते हैं। सामाजिक समानता के लिए कानून के सामने समाज अधिकार एक न्यूनतम आवश्यकता है।

इसके अंतर्गत मतदान का अधिकार, भाषण की स्वतंत्रता, एकत्र होने की स्वतंत्रता, संपत्ति का अधिकार आदि आते हैं। इसके अलावा समान अवसर तथा समान दायित्व भी इसके अंतर्गत आते हैं।

यह एक ऐसा विचार है जिसके आधार पर करोड़ों लोग सदियों से निरंकुश शासकों, अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्थाओं और अलोकतांत्रिक शासन के खिलाफ संघर्ष करते रहे हैं। इस लिहाज से समानता को स्थायी और सार्वभौम अवधारणों की श्रेणी में रखा जाता है।

इस पाठ में निम्नांकित प्रकार की समानताओं की चर्चा की गई है-

(क) आर्थिक समानता- इसका अर्थ है कि समाज में कोई भी उतना गरीब न हो कि उसके पास बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के साधन न हो और मानसिक और शारीरिक विकास के लिए उसे प्राथमिक अवसर सुलभ न हो।

(ख) सामाजिक समानता- सामाजिक समानता का मतलब रंग, लिंग, जाति के आधार पर भेदभाव का नहीं होना।

(ग) राजनीतिक समानता- राजनीतिक समानता का संबंध बुनियादी तौर पर सार्वभौमिक मताधिकार और प्रतिनिधि सरकार से है।

2 क्या आप इस बात से सहमत हैं कि आर्थिक हाशियाकरण और समाजिक हाशियाकरण आपस में जुड़े हुए है ? क्यों ?
उत्तर-हाँ, मैं इस बात से पूर्णतया सहमत हूँ कि आर्थिक एवं सामाजिक हाशियाकरण परस्पर जुड़े हैं। मैं निम्न तर्क प्रस्तुत कर रहा हूँ-

(क) उचित आर्थिक स्थिति तक पहुँचे बिना कोई भी व्यक्ति अपने तथा अपने परिजनों के लिए एक घर नहीं बनवा सकता।

(ख) बिना धनराशि के यह सम्भव नहीं कि कोई व्यक्ति अपने निवास स्थान पर बिजली लगवा सके तथा समय-समय पर हर महीने आने वाले बिजली के बिल का भुगतान कर सके। उसके लिए यह भी सम्भव नहीं कि वह अपने घर के लिए विद्युत से चलने वाले उपकरण जैसे- रेडियो, टी०वी०, फ्रिज, इलेक्ट्रिक आयरन, वाशिंग मशीन, पंखे आदि लगवा सके।

(ग) बिना धन के कोई भी व्यक्ति अपने यहाँ जलापूर्ति कनेक्शन नहीं ले सकता। घर के अंदर जल सम्बन्धी विभिन्न सुविधाएँ नहीं प्रदान कर सकता। प्रत्येक महीने या बीच-बीच में जल आपूर्ति बिल के भुगतान के लिए भी धनराशि की आवश्यकता पड़ती है।

(घ) बिना उचित शिक्षा, प्रशिक्षण एवं शिक्षाप्रद साहित्यिक सुविधाओं के कोई भी हाशिये पर रहने वाला सामाजिक समुदाय अच्छी सरकारी अथवा गैर-सरकारी नौकरी नहीं प्राप्त कर सकता। साक्षरता दर, पौष्टिक भोजन, यातायात की सुविधाओं आदि को भी नहीं जुटा सकता।

संक्षेप में उस समुदाय को शैक्षिक, पद प्राप्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं के उपयोग आदि के अभाव में सामाजिक स्तर या अच्छी स्थिति नहीं मिल सकती।

3 अल्पसंख्यक शब्द से आप क्या समझते हैं ? मुसलमानों को हाशियाई समुदाय किस प्रकार माना गया है ?
उत्तर-अल्पसंख्यक शब्द (या पद) का सर्वाधिक प्रयोग उन समुदायों के लिए किया जाता है जिनकी संख्या प्रायः (बहुसंख्यक समुदाय में) गिनती में कम होती है। वैसे हमारे देश के संविधान में भाषायी दृष्टि से कम लोगों के समूहों को भी विभिन्न राज्यों या क्षेत्रों में अल्पसंख्यक माना जाता है।

यह पद (कम संख्या) शक्ति की समस्या, संसाधनों तक पहुँच एवं सामाजिक तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों से भी जुड़ी हुई है। कश्मीर में हिन्दू अल्पसंख्यक है। मुसलमानों को हाशियाई समुदाय माना गया है क्योंकि दूसरे समुदायों के मुकाबले उन्हें सामाजिक आर्थिक विकास के उतने लाभ नहीं मिले हैं।

मुसलमानों के आर्थिक व सामाजिक हाशियाकरण के कई पहलू हैं। दूसरे अल्पसंख्यको की तरह मुसलमानों को भी कई रीति-रिवाज और व्यवहार मुख्य धारा के मुकाबले काफी अलग हैं।

सब नहीं कुछ मुसलमानों में बुर्का, लम्बी दाढ़ी और फैज टोपी का प्रचलन दिखाई देता है। यदि हम देश के सभी समुदायों के शिक्षित होने के प्रतिशत का अध्ययन करें तो हमें यह स्वीकार करना पड़ेगा कि सबसे निम्नतम शिक्षित दर मुसलमानों में ही है। इसी निशानियों से मुसलमानों को हाशियाई समुदाय माना गया है। jac board