पाठ 1 वास्तविक संख्याएँ प्रश्नावली 1.3 अभ्यास प्रश्न क्लास 10th गणित

पाठ 1 वास्तविक संख्याएँ प्रश्नावली 1.3 अभ्यास प्रश्न

पाठ 1 वास्तविक संख्याएँ प्रश्नावली 1.3 अभ्यास प्रश्न के उत्तर

पाठ 1 वास्तविक संख्याएँ प्रश्नावली 1.3 अभ्यास प्रश्न के इस ब्लॉग पोस्ट पर उन सभी विद्यार्थियों का स्वागत है जो क्लास 9th पास कर लिए है या अभी क्लास 10th में है , इस प्रश्नावली के अंतर्गत हम उन सभी सवालो का हल भी करेंगे जो उदहारण में दिए गए है , साथ में  अभ्यास प्रश्न में जो भी सवाल है सभी का उत्तर भी आपको पढ़ने को मिलेगा , तो चलिए शुरू करते है |

उदहारण 9. सिद्ध कीजिए कि √3  एक अपरिमेय संख्या है |
हल :- माना की √3 एक परिमेय संख्या है
इसलिए √3=p/q             (जहाँ HCF (p,q)r =1 और q≠0है )

                p =√3 q
दोनों तरफ वर्ग करने पर
           p = (√3 q)
           p =  3 q ……………(i)
         या  q2    = p2/3
चूँकि p , 3 से विभाज्य है इसलिए p भी 3 से विभाजित होगा
पुनः माना  p = 3r  ( जहाँ r कोई पूर्णांक है)
दोनों तरफ वर्ग करने पर
           p2 = (3r)2
             p2   =  9r2 ……………………….(ii)
समीकरण (i) तथा (ii) से
                   p2 = p2
          या  3 q2  = 9r2
          या      q2    = 3r2
इसलिए                  r2    =   q2/3
यूँकि  q2  3  से विभाज्य है इसलिए q  भी 3 से विभाजित होगा
अतः p और q  दोनों 3 से विभाज्य है अर्थात दोनों में उभयनिष्ट गुणनखंड 3 है इस लिए √3 एक परिमेय संख्या नहीं है I
अतः √3 एक अपरिमेय संख्या है Proved
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उदहारण 10 .दर्शाइए की 5 -√3 एक अपरिमेय संख्या है 

हल :- माना की 5 -√3 एक परिमेय संख्या है

इसलिए 5 -√3 = p/q             (जहाँ  p और q सह अभाज्य पूर्णांक है तथा q≠0है )
       5 – p/q  = √3
यहाँ पर 5 – p/q एक परिमेय संख्या है, इसलिए √3 भी परिमेय संख्या है
परन्तु √3 एक परिमेय संख्या नहीं है
अतः 5 -√3 एक अपरिमेय संख्या है proved
उदहारण 11 .दर्शाइए की 3 √2  एक अपरिमेय संख्या है 

हल :- माना की 3 √2  एक परिमेय संख्या है

इसलिए 3 √2 = p/q
             √2 = p/3q
 या      p/3q = √2
यहाँ पर p/3q एक परिमेय संख्या है, इसलिए √2 भी परिमेय संख्या है
परन्तु √2  एक परिमेय संख्या नहीं है
अतः 3 √2 एक अपरिमेय संख्या है proved
1 . सिद्ध कीजिए कि √5  एक अपरिमेय संख्या है |

हल :- माना की √5 एक परिमेय संख्या है

इसलिए √5=p/q             (जहाँ HCF (p,q)r=1 और q≠0है )
           p =√5 q
दोनों तरफ वर्ग करने पर
           p = (√5q)
           p =  5 q ……………(i)
         या  q2    = p2/5
चूँकि p , 5 से विभाज्य है इसलिए p भी 5 से विभाजित होगा
पुनः माना  p = 5r  ( जहाँ r कोई पूर्णांक है)
दोनों तरफ वर्ग करने पर
           p2 = (5r)2
             p2   =  25r2 ……………………….(ii)
समीकरण (i) तथा (ii) से
                   p2 = p2
          या  5 q2  = 25r2
          या      q2    = 5r2
इसलिए     r2    =   q2/5
यूँकि  q2  5  से विभाज्य है इसलिए q  भी 5 से विभाजित होगा
अतः p और q  दोनों 5 से विभाज्य है अर्थात दोनों में उभयनिष्ट गुणनखंड 3 है इस लिए √5 एक परिमेय संख्या नहीं है I
अतः √5 एक अपरिमेय संख्या है Proved
1 . सिद्ध कीजिए की 3 +2√5 एक अपरिमेय संख्या है 

हल :- माना की 3 +2√5  एक परिमेय संख्या है

इसलिए 3 +2√5 = p/q  (जहाँ  p और q सह अभाज्य पूर्णांक है तथा q≠0है )
             2√5 = p/q – 3
                √5= 1/2 (p/q – 3 )
               √5 = p/2q – 3/2
चूँकि  p और q एक परिमेय संख्या है
इसलिए  p/2q – 3/2 परिमेय संख्या है, तथा √5 भी एक परिमेय संख्या है |
परन्तु √5 एक परिमेय संख्या नहीं है।
अतः  3 +2√5 एक अपरिमेय संख्या है। Proved
3 . सिद्ध कीजिए की निम्नलिखित संख्याएँ एक अपरिमेय संख्या है :
(i)  1/√2

हल :- माना की 1/√2 एक परिमेय संख्या है
इसलिए 1/√2  = p/q  (जहाँ  p और q सह अभाज्य पूर्णांक है तथा q≠0है )
बाएँ तरफ अंश और हर को √2 से गुणा करने पर

     √2/√2√2 = p/q
            √2/2 = p/q
                √2 =  2p/q
चूँकि  p और q एक परिमेय संख्या है
इसलिए  2p/q परिमेय संख्या है, तथा √2 भी एक परिमेय संख्या है |
परन्तु √2 एक परिमेय संख्या नहीं है।
अतः  1/√2 एक अपरिमेय संख्या है। Proved
(ii) 7√5  

हल :- माना की 7 √5  एक परिमेय संख्या है

इसलिए 7√5 = p/q
             √5 = p/7q
 या      p/7q = √5
यहाँ पर p/7q एक परिमेय संख्या है, इसलिए √5 भी परिमेय संख्या है
परन्तु √5  एक परिमेय संख्या नहीं है
अतः 7√5 एक अपरिमेय संख्या है proved
(iii) 6 + √2 

हल :- माना की 6+√2  एक परिमेय संख्या है
इसलिए 6 +√2 = p/q  (जहाँ  p और q सह अभाज्य पूर्णांक है तथा q≠0है )

                √2 = p/q – 6
चूँकि  p और q एक परिमेय संख्या है
इसलिए  p/q – 6 परिमेय संख्या है, तथा √2 भी एक परिमेय संख्या है |
परन्तु √2 एक परिमेय संख्या नहीं है।
अतः  6 + √2 एक अपरिमेय संख्या है। Proved

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