प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास प्रश्न Ncert Solution for class 10th Science

प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास प्रश्न

प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास प्रश्न  उत्तर (Ncertsolution For class 10th sicence)

प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास प्रश्न के उत्तर में आप सभी छात्र -छात्राओं का स्वागत है , आज हम बात करेंगे प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन नोट्स के अंतर्गत अभ्यास प्रश्न के बारे में इसमें  हम पाठ  से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्नों के हल के बारे अच्छी जानकारी मिलने वाली है , इस लिए यदि आप इस ब्लॉग पोस्ट पर है तो इस ब्लॉग पोस्ट को पूरा पढ़ाई करे ताकि इस पाठ  से जुड़ी जो भी जानकारी प्राप्त करना चाह  रहे है , वह आपको आसानी से मिल  सके , तो चलिए शुरू करते है –


क्लास 10 विज्ञान पाठ 10 में इन्हें भी अवश्य पढ़े –
पाठ के अति लघु उत्तरीय प्रश्न का हल
पाठ के लघु उत्तरीय प्रश्न का हल
पाठ के अभ्यास प्रश्न का हल
पाठ के गणितीय प्रश्न का हल
चित्र से सबंधित प्रश्न का हल


प्रश्न-अभ्यास (पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ न. 165)
प्रश्न-1. अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।
उत्तर – अवतल दर्पण पर मुख्य अक्ष के समानांतर चल रही प्रकाश की किरणें दर्पण से परावर्तन के पश्चात मुख्य अक्ष के जिस बिन्दु पर मिलती हैं, वह बिन्दु अवतल दर्पण का मुख्य फोकस कहलाता है।
प्रश्न-2. एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है। इसकी फोकस दूरी क्या होगी?
उत्तर – गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या, R = 20 cm
गोलीय दर्पण की फोकस दूरी, f = ?
हम जानते हैं कि
f = R/2 = 20/2 10cm
प्रश्न-3. उस दर्पण का नाम बताइए जो बिंब का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिंब बना सके।
उत्तर – अवतल दर्पण
प्रश्न-4. हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता क्यों देते हैं?
उत्तर- हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता देते हैं क्योंकि ये सदैव सीधा प्रतिबिंब बनाते हैं यद्यपि वह छोटा होता है। इनका दृष्टि क्षेत्र भी बहुत अधिक है क्योंकि ये बाहर की ओर वक्रित होते हैं। अतः समतल दर्पण की तुलना में उत्तल दर्पण ड्राइवर को अपने पीछे के बहुत बड़े क्षेत्र को देखने में समर्थ बनाते हैं।
प्रश्न-अभ्यास (पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ न. 188)
प्रश्न-1. उस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता-त्रिज्या 32 cm है।
उत्तर – वक्रता त्रिज्या, R= 32cm
फोकस दूरी, f = ?
f = R/2 32/2 = 16cm
प्रश्न-2. कोई अवतल दर्पण अपने सामने 10 cm दूरी पर रखे किसी बिंब का तीन गुणा आवर्धित (बड़ा) वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब दर्पण से कितनी दूरी पर है?
उत्तर – अवतल दर्पण का आवर्धन m= V/u
(v= प्रतिबिंब की लैंस से दूरी, u = वस्तु की प्रतिबिंब से दूरी)
-v/u = -3
इसलिए v = 3u
परन्तु u = -10cm
v = 3 -10 = – 30cm
अतः प्रतिबिम्ब की दपर्ण से दूरी= 30cm

प्रश्न-अभ्यास (पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ न. 194)
प्रश्न- 1. वायु में गमन करती प्रकाश की एक किरण जल में तिरछी प्रवेश करती है। क्या प्रकाश किरण अभिलंब की ओर झुकेगी अथवा अभिलंब से दूर हटेगी? बताइए क्यों?
उत्तर – वायु में गमन करती प्रकाश की एक किरण जल में तिरछी प्रवेश करती है। यह अभिलंब की ओर झुकेगी। ऐसा प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है क्योंकि जब प्रकाश की किरण विरल (वायु) से सघन (जल) माध्यम में प्रवेश करती है तो वह प्रकाश के अपवर्तन के कारण अभिलंब की ओर झुक जाएगी।
प्रश्न-2. प्रकाश वायु से 1.50 अपवर्तनांक की काँच की प्लेट में प्रवेश करता है। काँच में प्रकाश की चाल कितनी है? निर्वात में प्रकाश की चाल 3×108 m/s  है।
उत्तर-

प्रकाश वायु से 1.50 अपवर्तनांक


प्रश्न-3. सारणी 3 से अधिकतम प्रकाशिक घनत्व के माध्यम को ज्ञात कीजिए। न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व के माध्यम को भी ज्ञात कीजिए।
उत्तर- अधिकतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम हीरा (2.42).
न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम वायु (1.0003)
प्रश्न-4. आपको किरोसिन, तारपीन का तेल तथा जल दिया गया है। इनमें से किसमें प्रकाश सबसे अधिक तीव्र गति से चलता है? सारणी 3 में दिए गए आँकड़ों का उपयोग कीजिए।
उत्तर- किरोसीन (1.44), तारपीन का तेल (1.47) तथा जल (1.33) तीनों माध्यमों में जल का अपवर्तनांक सबसे कम है। हम जानते हैं कि प्रकाश की चाल किसी पदार्थ के प्रकाशिक घनत्व पर निर्भर करती है और प्रकाशिक घनत्व अपवर्तनांक के समानुपाती होता है। अतः प्रकाश जल में सबसे अधिक तीव्र गति से चलता है, क्योंकि जल दिए गए तीनों माध्यमों में सबसे कम प्रकाशिय सघन है।
प्रश्न-5. हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है।
उत्तर – हम जानते हैं कि,

nirvat me prakash ki chal

वायु में प्रकाश की चाल

या निर्वात् में प्रकाश की चाल = 2.42x हीरे में प्रकाश की चाल। इस प्रकार हम देखते हैं कि हीरे का अपवर्तनांक 2.42 का तात्पर्य है कि वायु में प्रकाश की चाल, हीरे में प्रकाश की चाल से 2.42 गुणा

प्रश्न-अभ्यास (पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ न. 165)
प्रश्न-1. किसी लेंस की। डाइऑप्टर क्षमता को परिभाषित कीजिए।
उत्तर – एक डाइऑप्टर उस लेंस की क्षमता है जिसकी फोकस दूरी एक मीटर हो।
(उत्तल लैंस की क्षमता धनात्मक तथा अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।)
प्रश्न-2. कोई उत्तल लेंस, किसी सुई का वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिंब उस लेंस से 50cm दूर बनाता है। यह सुई, उत्तल लेंस के समाने कहाँ रखी है, यदि इसका प्रतिबिंब उसी साइज़ का बन रहा है जिस साइज़ का बिंब है। लेंस की क्षमता भी ज्ञात कीजिए।
उत्तर- प्रतिबिंब की लैंस से दूरी = +50cm m आवर्धन, u = वस्तु से लैंस की दूरी f = फोकस दूरी
हम जानते हैं कि

चूँकि प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के आकार का बराबर है इसलिए अवश्य ही वरतु फोकस दुरी के दुगुने दुरी पर स्थित है , अर्थात -u = 2f  = 50 cm या u  = -50cm , इसलिए  f  = +25cm

लेंस की क्षमता भी ज्ञात करें

प्रश्न-3. 2m फोकस दूरी वाले किसी अवतल लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।
उत्तर – अवतल लेंस की फोकस दूरी= -2m

2m फोकस दूरी वाले किसी अवतल लेंस की क्षमता ज्ञात करें

 अभ्यास प्रश्न के उत्तर 

प्रश्न-1. निम्न में से कौन-सा पदार्थ लेंस बनाने के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता?
(a) जल (b) काँच (c) प्लास्टिक (d) मिट्टी
उत्तर – (घ) मिट्टी
प्रश्न-2. किसी बिंब का अवतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा बिंब से बड़ा पाया गया। वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए?
(क) मुख्य फोकस तथा वक्रता केन्द्र के बीच
(ख) वक्रता केंद पर (ग) वक्रता केन्द्र से परे
(प) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर – (घ) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच
प्रश्न- 3. किसी बिंब का वास्तविक तथा समान साइज का प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए बिंब को उत्तल लेंस के सामने कहाँ रखें?
(क) लेंस के मुख्य फोकस पर
(ख) फोकस दूरी की दो गुणी दूरी पर
(ग) अनन्त पर
(घ) लेंस के प्रकाशिक केन्द्र तथा मुख्य फोकस के बीच
उत्तर – (ख) फोकस दूरी की दो गुनी दूरी पर
प्रश्न- 4. किसी गोलीय दर्पण तथा किसी गोलीय दर्पण तथा किसी पतले गोलीय लेंस दोनों की फोकस दूरियाँ 15 cm हैं। दर्पण तथा लेंस संभवतः हैं:-
(क) दोनों अवतल (ख) दोनों उत्तल –
(ग) दर्पण अक्तल तथा लेंस उत्तल
(घ) दर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल
उत्तर – (क) दोनों अवतल
प्रश्न-5. किसी दर्पण से आप चाहे कितनी ही दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा प्रतीत होता है। संभवतः दर्पण है:-
(क) केवल समतल (ख) केवल अवतल
(ग) केवल उत्तल (घ) या तो समतल अथवा उत्तल
उत्तर – (घ) या तो समतल अथवा उत्तल
प्रश्न- 6. किसी शब्दकोष (dictionary) में पाए गए छोटे अक्षरों को पढ़ते समय आप निम्न में से कौन-सा लेंस पसंद करेंगे?
(क) 50 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(ख) 50 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
(ग) 5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(घ) 5 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
उत्तर – (ग) 5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लैंस
प्रश्न-7.15 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करके हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब बनाना चाहते हैं। बिंब की दर्पण से दूरी का परिसर (range) क्या होना चाहिए? प्रतिबिंब की प्रकृति कैसी है? प्रतिबिंब बिंब से बड़ा है अथवा छोटा? इस स्थिति में प्रतिबिंब बनने का एक किरण आरेख बनाइए।
उत्तर – वस्तु को F तथा दर्पण के ध्रुव के मध्य रखना चाहिए। वस्तु की दूरी, दर्पण के ध्रुव (15 cm) से कम होनी चाहिए। अर्थात् वस्तु की दर्पण से दूरी का परिसर 0-15 cm होना चाहिए। प्रतिबिम्ब आवर्धित, सीधा तथा आभासी है। प्रतिबिंब वस्तु से बड़ा या आवर्धित है।

avtal darpan ka chitra-ncert

प्रश्न- 8. निम्न स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए:
(क) किसी कार का अग्र-दीप (हेड-लाइट)
(ख) किसी वाहन का पार्श्व/पश्च-दृश्य दर्पण
(ग) सौर भट्टी
अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए।
उत्तर – (क) कार की हेडलाइटों में अवतल दर्पण का प्रयोग किया जाता है। जिसके कारण हेड लाइट से आने वाला प्रकाश एक बड़े क्षेत्र पर परावर्तित हो जाता है और प्रकाश का एक शक्तिशाली समांतर किरण पुंज प्राप्त हो जाता है।
(ख) किसी वाहन में पीछे से आ रहे वाहन को देखने के लिए पार्श्व पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण का प्रयोग किया जाता है। चालक पश्च-दृश्य के लिए उत्तल दर्पण का प्रयोग इसलिए करते हैं क्योंकि
(1) उत्तल दर्पण हमेशा वस्तु का सीधा प्रतिबिंब बनाता है।
(ii) उत्तल दर्पण में बना प्रतिबिंब वस्तु से अत्यधिक छोटा होता है जिसके कारण उत्तल दर्पण पीछे से आने वाले यातायात का विस्तृत क्षेत्र दिखाता है।
(ग) सौर-भट्टी में अवतल दर्पण का उपयोग, गर्म की जाने वाली वस्तुओं पर अत्यधिक सूर्य की किरणों को संकेन्द्रित (focus) करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न-9. किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज़ से ढक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी बिंब का पूरा प्रतिबिंब बना पाएगा? अपने उत्तर की प्रयोग द्वारा जाँच कीजिए। अपने प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर- हम जानते हैं कि किसी वस्तु से आने वाली प्रकाश की किरणें उत्तल लैंस में से प्रवाहित होकर परावर्तन के बाद जब एक बिन्दु पर संकेंद्रित होती हैं तो उस वस्तु का प्रतिबिंब बनता है।
लेकिन यदि किसी उत्तल लैंस का आधा भाग काले कागज से ढ़क दिया गया हो तो उसमें से सभी प्रकाश की किरणें प्रवाहित नहीं हो सकती जिससे प्रतिबिंब नहीं बन पाता है। अतः यदि किसी उत्तल लैंस का आधा भाग काले कागज से ढ़क दिया जाए तो वस्तु का पूरा प्रतिबिंब नहीं बना जाएगा।
प्रश्न- 10. 5 cm लंबा कोई बिंब 10 cm फोकस के किसी अभिसारी लेंस से 25 cm दूरी पर रखा जाता है। प्रकाश किरण-आरेख Dखींचकर बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति, साइज़ तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।
प्रकाश किरण-आरेख


उत्तर- u = वस्तु से लैंस की दूरी
V = लैंस की प्रतिबिम्ब से दूरी
f = फोकस दूरी
उत्तल लैंस के लिए u ऋणात्मक तथा f धनात्मक होते हैं।
u = -25cm, f = 10 cm , v = ?

5 cm ऊँची कोई वस्तु 10 cm फोकस दूरी

अतः प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा तथा आकार में 3.33 सें.मी. ऊँचा है। प्रतिबिंब लैंस के दूसरी ओर लैंस से 16.67 सें.मी. दूर बनेगा।
11. 15 cm फोकस दूरी का कोई अवतल लेंस किसी बिंब का अतिबिंब लेंस से 10 cm दूरी पर बनाता है। बिंब लेंस से कितनी दूरी पर स्थित है? किरण आरेख खींचिए।

बिंब लेंस से कितनी दूरी पर स्थित है


उत्तर- अवतल लैंस के लिए u तथा f ऋणात्मक हैं। f = -15cm, v = -10cm
हम जानते हैं कि,
15 cm फोकस दूरी का कोई अवतल लेंस किसी वस्तु का लेंस से 10 cm दूरी पर प्रतिबिंब बनाता है
अतः वस्तु लैंस से 30 cm की दूरी पर स्थित है।

प्रश्न- 12. 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से कोई बिंब 10 cm दूरी पर रखा है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।
उत्तर- u = -10cm, f 15cm , v = ?

darpan shutra question2-science

अतः प्रतिबिंब 6 cm की दूरी पर दर्पण के पीछे बनता है।
आवर्धन = m -v /u = -6/-10 =0.6
आवर्धन धनात्मक है, इसलिए प्रतिबिम्ब सीधा आकार में छोटा तथा
आभासी होगा।

प्रश्न- 13. एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन +1 है। इसका क्या अर्थ है?
उत्तर – किसी समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आर्वधन +1का. अर्थ है कि इस दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के आकार के बराबर है। धनात्मक चिह्न इस बात को प्रदर्शित करता है कि प्रतिबिंब आभासी और सीधा होगा।

प्रश्न-14.5.0cm लंबाई का कोई बिंब 30cm वक्रता त्रिज्या के किसी उत्तल दर्पण के सामने 20 cm दूरी पर रखा गया है। प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति तथा साइज़ ज्ञात कीजिए।
उत्तर – उत्तल लैंस की वक्रता त्रिज्या, (r) = 30 cm.
फोकस दूरी, f = r/s = 30/2 = 15cm.
वस्तु की दूरी, u=-20 cm
वस्तु की ऊँचाई, h = 5 cm.
प्रतिबिंब की दूरी, V = ?
प्रतिबिंब का आकार, h = ?

5 cm लंबा कोई वस्तु 30 cm वक्रता त्रिज्या

आवर्धन धनात्मक है , अतः वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे 8 .6 cm की दुरी पर बनेगा जो आभासी सीधा ,और लगभग 2 .14 cm ऊँचा है ।

प्रश्न- 15.7.0 cm साइन का कोई विंध 18 cm फोकस दूरी के किसी अवतल दर्पण के सामने 27 cm दूरी पर रखा गया है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी परदे को रखें कि उस पर वस्तु का स्पष्ट फोकसित प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सके। प्रतिबिंब का साइज तमा प्रकृति ज्ञात कीजिए।
उत्तर-f = – 18cm.
u = -27cm.
7 cm आकार की कोई वस्तु 18 cm फोकस दूरी


प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा तथा आकार में दोगुणा होगा।
प्रश्न- 16. उस लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी क्षमता – 2.0 D है। यह किस प्रकार का लेंस है?
उत्तर – लैंस की क्षमता
यदि उत्तल लेंस की क्षमता + 2.0D है। उसकी फोकस दूरी ज्ञात करें।
यह लैंस अवतल लैंस है।
प्रश्न- 17. कोई डॉक्टर + 1.5D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। क्या निर्धारित लेंस लैंस की क्षमता या लैंस की फोकस दूरी- अभिसारी है अथवा अपसारी?
उत्तर – क्षमता (P) = +1.5D
कोई डॉक्टर + 1.5 D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है
यह लेंस अभिसारी है, क्योंकि अभिसारी लैंस की क्षमता धनात्मक होती है।

प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास प्रश्न से सबंधित बहु विकल्पीय प्रश्न

प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास प्रश्न सभी महत्त्व पूर्ण ऑब्जेक्टिव सवालों का हल नीचे दिया गया है –

1. एक आभासी तथा वस्तु से बड़ा प्रतिबिंब निम्न के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है :
(अ) उत्तल दर्पण
(ब) अवतल दर्पण
(स) समतल दर्पण
(द) अवतल लेंस
उत्तर- (ब) अवतल दर्पण
2. एक अभिसारी लेंस वह है जो :
(अ) किरणों को इकट्ठा करता है
(ब) किरणें को फैलाता है
(स) वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है
(द) आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है
उत्तर- (अ) किरणों को इकट्ठा करता है
3. एक द्वि-उत्तल लेंस आभासी प्रतिबिंब बना सकता है यदि वस्तु रखी हो :
(अ) लेंस और उसके मुख्य फोकस के बीच
(ब) लेंस के मुख्य फोकस पर
(स) लेंस के सामने 2f के बीच
(द) अनन्त पर
उत्तर- (अ) लेंस और उसके मुख्य फोकस के बीच
4. एक वस्तु उत्तल लेंस से f/2 की दूरी पर रखी हुई है। प्रतिबिंब बनेगा :
(अ) fपर तथा आभसी
(ब) 3/2f पर तथा वास्तविक
(स) 2f पर तथा आभासी
(द) f पर तथा वास्तविक
उत्तर- (अ) fपर तथा आभसी
5. एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 40 cm है। लेंस की क्षमता है :
(अ)-2.5D
(ब) -0.25D
(स) + 0.25D
(द) +2.5D
उत्तर- (द) +2.5D
6. एक उत्तल लेंस वस्तु का पूर्ण प्रतिबिंब बनाता है। यदि लेंस का आधा भाग एक अपारदर्शक
वस्तु के द्वारा ढक दिया जाता है, तब :
(अ) आधा प्रतिबिंब दिखाई नहीं देता
(ब) पूर्ण प्रतिबिंब उसी-तीक्ष्णता से दिखाई देता है
(स) पूर्ण प्रतिबिंब कम तीक्ष्णता (तीव्रता) से दिखाई देता है
(द) आधा प्रतिबिंब उसी तीक्ष्णता से दिखाई देता है।
उत्तर-(स) पूर्ण प्रतिबिंब कम तीक्ष्णता (तीव्रता) से दिखाई देता है
7. एक वस्तु 20 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण के सामने 40 cm की दूरी पर रखी हुई
है। प्रतिबिंब है :
(अ) आभासी एवं उल्टा
(ब) वास्तविक एवं सीधा
(स) वास्तविक, उल्टा एवं छोटा
(द) वास्तविक, उल्टा एवं समान आकार का
उत्तर-(द) वास्तविक, उल्टा एवं समान आकार का
8. +5 D की क्षमता के एक उत्तल लेंस के सामने एक वस्तु 10 cm की दूरी पर रखी जाती है।
इस लेंस द्वारा प्रतिबिंब बनेगा :
(अ) 20 cm पर
(ब)-20 cm पर
(स) 30 cm पर
(द) -30 cm पर
उत्तर-(ब)-20 cm पर
9. काँच का अपवर्तनांक 1.5 है। निर्वात में प्रकाश की चाल 3 x 108 ms-1 है। कॉच में प्रकाश
की चाल है :
(अ) 3 x 108 ms-1
(ब) 4.5 x 108 ms-1
(स) 2 x 108 ms-1
(द) 2.25 x 108 ms-1
उत्तर- (स) 2 x 108 ms-1
10. यदि एक पारदर्शक माध्यम में प्रकाश की चाल 1.5 x 108 ms-1  हो तो माध्यम का
अपवर्तनांक है:
(अ) 1.5
(ब) 2
(स) 3
(द) 0.5
उत्तर- (ब) 2
11. जब प्रकाश की एक किरण एक प्रकाशिक विरल माध्यम में से प्रकाशिक सधन माध्यम में
प्रवेश करती है तो अपवर्तित किरण :
(अ) सीधी निकल जाती है
(ब) वापिस विरल माध्यम में आ जाती है
(स) अभिलंब की ओर मुड़ जाती है
(द) अभिलंब से दूर हट जाती है
उत्तर- (स) अभिलंब की ओर मुड़ जाती है
12. तारे निम्न के कारण टिमटिमाते हैं :
(अ) प्रकाश-परावर्तन
(ब) प्रकाश-अपवर्तन
(स) प्रकाश संकीर्णता
(द) प्रकाश बिखराव
उत्तर- (ब) प्रकाश-अपवर्तन

प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास  प्रश्न के उत्तर 

13. एक आयताकार समतल काँच की स्लैब को अखबार के एक टुकड़े पर रखा जाता है। अखाबार के शब्द :
(अ) पार्श्विक विस्थापित होते हुए दिखाई देते हैं
(ब) ऊपर उठे हुए दिखाई पड़ते हैं
(स) अधिक गहराई में दिखाई पड़ते हैं
(द) पहले की तरह दिखाई पड़ते हैं।
उत्तर- (ब) ऊपर उठे हुए दिखाई पड़ते हैं
14. एक सघन पारदर्शक माध्यम में प्रकाश की चाल होती है :
(अ) अधिक
(ब) कम
(स) अधिक अथवा कम
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ब) कम
15. एक उत्तल दर्पण एक वास्तविक वस्तु का प्रतिबिंब बनाता है। निम्न में से गलत को चिन्हित कीजिए :
(अ) प्रतिबिंब ध्रुव एवं मुख्य फोकस के बीच बनता है
(ब) प्रतिबिंब का आकार छोटा है
(स) प्रतिबिंब सीधा है
(द) प्रतिबिंब वास्तविक अथवा आभासी हो सकता है

उत्तर- (द) प्रतिबिंब वास्तविक अथवा आभासी हो सकता है
16. एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या R है। इसकी फोकस दूरी f का मान होगा :
(अ) f=R
(ब) f= 2R
(स) f= R/2
(द) f = 2/R
उत्तर- (स) f= R/2

 रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए : प्रकाश परावर्तन और अपवर्तन अभ्यास प्रश्न

1. नई कार्तीय चिन्ह परिपाटी वे अनुसार सभी दूरियाँ दर्पण के ध्रुव से मापी जाती हैं।
2. एक अवतल दर्पण की फोकस दूरी को ऋणात्मक तथा एक उत्तल दर्पण की फोकस दूरी को धनात्मक लिया जाता है।
3. मुख्य अक्ष के समांतर प्रकाश की एक किरण अवतल दर्पण से परावर्तन के पश्चात् दर्पण के मुख्य फोकस
पर अभिसरित होगी।
4. अवतल दर्पण के  वक्रता केंद्र से गुजरने वाली प्रकाश की किरण परावर्तन के पश्चात् उसी पथ पर वापिस मुड़ जाती है।
5. एक उत्तल  दर्पण का उपयोग हम वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में करते हैं।
6. उत्तल दर्पण का आवर्धन एक से सदैव कम होता है।
7. निर्वात में प्रकाश की चाल 3 x 108 ms-1  है
8. प्रकाश की चाल विरल माध्यम में सघन माध्यम से अधिक होती है।
9. एक लेंस दो वक्र पृष्ठों (तलों) से घिरा हुआ एक पारदर्शक माध्यम होता है।
10. उत्तल लेंस एक अभिसारी  लेंस है जबकि अवतल लेंस एक  अपसारी लेंस है।
11. लेंस की क्षमता का SI मात्रक डाइऑप्टर होता है।
12. उत्तल लेंस की क्षमता  धनात्मक होती है जबकि अवतल लेंस की क्षमता  ऋणात्मक होती है।

Share

About gyanmanchrb

इस वेबसाइट के माध्यम से क्लास पांचवीं से बारहवीं तक के सभी विषयों का सरल भाषा में ब्याख्या ,सभी क्लास के प्रत्येक विषय का सरल भाषा में सभी प्रश्नों का उत्तर दर्शाया गया है

View all posts by gyanmanchrb →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *