लोकतंत्र क्या ? लोकतंत्र क्यों ? पाठ 2 दीर्घ उतरीय प्रश्न। Ncert Solution For Class 9th Civics

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लोकतंत्र क्या ? लोकतंत्र क्यों ? पाठ 2 दीर्घ उतरीय प्रश्न के उत्तर, Ncert Solution For Class 9th

लोकतंत्र क्या ? लोकतंत्र क्यों ? पाठ 2 दीर्घ उतरीय प्रश्न के उत्तर
लोकतंत्र क्या ? लोकतंत्र क्यों ? पाठ 2 लघु उतरीय प्रश्न के उत्तर
लोकतंत्र क्या ? लोकतंत्र क्यों ? पाठ 2 अति लघु उतरीय प्रश्न के उत्तर

1 लोकतंत्र से तीन लाभ कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-लोकतंत्र से तीन लाभ-
(क) लोकतंत्र समानता का आश्वासन देता है- सरकार का लोकतांत्रिक स्वरूप आर्थिक और राजनैतिक दोनों क्षेत्रों में समानता के लिए कृतसंकल्प है। यह मतदान का अधिकार, चुनाव लड़ने का अधिकार तथा जाति, वंश या लिंग के भेदभाव से सर्वथा परे सरकारी नौकरी/पद पाने के लिए अधिकार की गारंटी देता है। यह विशेषाधिकार को अमान्य ठहराता है। आर्थिक क्षेत्र में यह जन-समूह को समान अवसर और आर्थिक सुरक्षा की गारंटी देता है।

(ख) यह व्यष्टि स्वतंत्रता को मान्यता देता है- लोकतंत्रीय सरकारों का एकमात्र वह स्वरूप है जो व्यष्टि स्वतंत्रता का सार्थक है और सांविधिक उपचारों के माध्यम से उनके अधिकारों की गारंटी देता है। इन आधारों पर ‘मिल’ लोकतंत्र का समर्थक और पक्षधर है। भाषण देने, अभिव्यक्ति, प्रेस और संगठन बनाने की स्वतंत्रता कुछ ऐसे नागरिक अधिकार हैं जो भारतीय नागरिकों को गारंटी के साथ दिए गए हैं।

(ग) कानूनों का स्वेच्छा से अनुपालन- लोगों की ओर से राज्य के कानूनों की अवहेलना या उल्लंघन करने की बहुत ही अल्प संभावना है। राजतंत्र और कुलीन तंत्र किस्म की सरकारों में जनादेश के आधार पर कानून नहीं बनाए जाते हैं। इनमें कानूनों का अनुपालन बलात् कराया जाता है। लोकतंत्र में इसके विपरीत जनता कानूनों को स्वयं बनाती है और इसलिए अपने बनाए गए कानूनों का उल्लंघन कदापि नहीं कर सकती है।

2 लोकतांत्रिक सरकारों की कुछ मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डालें।
उत्तर-लोकतांत्रिक सरकारों की कुछ सामान्य विशेषताएँ- अमेरिका, इंग्लैंड भारत आदि में लोकतांत्रिक सरकारें कायम हैं। इनकी कुछ मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार

(क) लोकतांत्रिक देशों में नागरिकों को भाषण देने और अपने विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।

(ख) लोकतांत्रिक देशों में स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से चुनाव कराने की व्यवस्था होती है और लोग अपनी इच्छानुसार जिस व्यक्ति एवं राजनीतिक दल को वोट देना चाहें वे दे सकते हैं।

(ग) लोकतांत्रिक देशों में सभी राजनीतिक दलों को चुनावों में, चुनावों से पहले और चुनावों के बाद स्वतंत्र रूप से कार्य करने की आज्ञा होती है।

(घ) लोकतांत्रिक देशों में कारीगरों और मजदूरों को अपने व्यापारिक संघ स्थापित करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।

(ड) लोकतांत्रिक देशों में सरकार का विरोध करने या किसी को डराया या धमकाया नहीं जाता और न ही उन्हें जेल भेजने की धमकी ही दिया जाता

(च) लोकतांत्रिक देशों में प्रेस को पूर्ण आजादी होती है। वे सरकार की प्रशंसा भी कर सकते हैं और उसकी आलोचना भी।

(छ) लोकतांत्रिक देशों में कोई भी नागरिक किसी भी पद के लिये खड़ा हो सकता है और ऊँचे से ऊँचा पद प्राप्त कर सकता है। साधारण परिवारों के लोग- जैसे श्री लाल बहादुर शास्त्री, डा० ए० पी० जे० अब्दुल कलाम जैसे लोग प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पद पर आसीन हो सकते हैं।

लोकतंत्र क्या ? लोकतंत्र क्यों ? पाठ 2 Ncert Nots Civics

3 गैर-लोकतांत्रिक सरकारों के कुछ समान लक्षण लिखें।
उत्तर-गैर-लोकतांत्रिक सरकारों, जैसे म्यांमार, नाइजीरिया, पाकिस्तान, चीन आदि सरकारों के कुछ सामान्य लक्षण निम्नांकित हैं-

(क) गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में लोग सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना नहीं कर सकते, ऐसा करने पर उन्हें कई यातनाएँ दी जाती है। और जेल तक में धकेल दिया जाता है।
(ख) गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में शासनकर्ता, चाहे वह राजा हो या सैनिक प्रमुख सर्वेसर्वा होता है।

(ग) गैर-लोकतांत्रिक सरकारें या देशों में विरोधी दलों का कोई स्थान नहीं होता वहाँ केवल वही राजनीतिक दल टिक सकते हैं जो सरकार की हाँ में हाँ मिलाने वाले हों।

(घ) गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में मजदूरों और कारीगरों को संघ बनाने की कोई अनुमति नहीं होती। केवल ऐसे संगठन ही वहाँ पनप सकते हैं जो सरकार की नीतियाँ का अनुमोदन करने वाले हो।

(ङ) गैर-लोकतांत्रिक देशों में एक साधारण नागरिक अपने बलबूते पर किसी भी उच्च स्थान को प्राप्त नहीं कर सकता। यदि वह अपनी जमीर को मार ले और हाँ में हाँ मिलाता जाए तो वह कुछ भी प्राप्त कर सकता है।

4 लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का क्या महत्व है ? भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों का उल्लेख करें।
उत्तर-यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो। चुनाव निष्पक्ष होने के लिए दो कारण हैं। एक, चुनाव लोकतंत्र का दर्पण है।
जब तक चुनाव स्वतंत्र नहीं होगें, तब तक हम यह नहीं जान पाएँगे कि लोग क्या चाहते हैं। दूसरे, लोकतंत्र को “जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा सरकार माना जाता है। मतदाताओं के सच्चे समर्थन के बिना किसी सरकार की सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।

स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संविधान में अनेक प्रावधान दिए गए हैं-

(क) चुनावों का प्रबंध चुनाव आयोग का काम है। उसकी स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए यह प्रावधान किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए यही प्रक्रिया अपनानी होगी जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए अपनाई जाती है।

(ख) चुनाव आयोग ने कहा कि- मंत्री अपने सरकारी दौरों को चुनावी कार्य के साथ नहीं जोड़ेंगे और सत्ताधारी दल के लाभ के लिए सरकारी वाहनों तथा कर्मचारियों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

(ग) आयोग संवेदनशील चुनाव क्षेत्रों में केंद्रीय प्रेक्षक भेजता है। यदि किसी मतदान केन्द्र में बूथों पर कब्जा कर लिया गया हो तो आयोग वहाँ पुनः मतदान के आदेश दे देगा।

(घ) चुनाव याचिकाओं पर सुनवाई उच्च न्यायालयों द्वारा की जाती है। यदि किसी निर्वाचित उम्मीदवार द्वारा या उसके चुनाव एजेंट द्वारा कोई भ्रष्ट व्यवहार किया गया हो तो न्यायालय उस चुनाव को अवैध घोषित कर देगा।

(ङ) राज्य सरकारें मतदाताओं को पहचान पत्र जारी करने के लिए सिद्धांत रूप
में सहमत हो गई है। JAC BOARD

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