अध्याय 4 कृषि class 8 Ncert Solution Geography लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

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अध्याय 4 कृषि class 8 Ncert Solution Geography के इस ब्लॉग पोस्ट में आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है तथा इस पोस्ट के माध्यम से पाठ से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर इस पोस्ट पर कवर किया गया है और जो परीक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है साथ में पिछले कई परीक्षाओं में भी इस तरह के प्रश्न पूछे जा चुके हैं, इसलिए कृपया करके इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें-

अध्याय 4 कृषि class 8 Ncert Solution Geography लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

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अध्याय 4 कृषि class 8 Ncert Solution Geography लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
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1 भारत में गहन निर्वाह-कृषि क्यों प्रचलित है?
उत्तर-गहन निर्वाह-कृषि में किसान साधारण औजारों से खेती करता है एवं श्रम की प्रधानता रहती है। जमीन का छोटा-सा टुकड़ा भी कृषि कार्य में लगाया जाता है एवं वर्ष में एक से अधिक फसलें उगायी जा सकती हैं।

ऐसी कृषि अधिक जनसंख्या वाले देशों में होती है चुँकी भारत एक सघन आबादी का देश है। यहाँ कृषि जोतों का आकार भी काफी छोटा है। इन्हीं कारणों से भारत में गहन निर्वाह कृषि प्रचलित है। यहाँ का मुख्य फसल चावल है। गेहूँ, मक्का, तिलहन, दलहन, अन्य फसलें हैं। इस प्रकार की कृषि दक्षिण, दक्षिण पूर्वी एवं पूर्वी एशिया के मानसूनी प्रदेशों में प्रचलित है।

2 मिश्रित-कृषि से आप क्या समझते हैं ? यह किन देशों में प्रचलित हैं?
उत्तर-इसमें भूमि का उपयोग फसल उत्पादन तथा मवेशियों के लिए चारा उत्पादन के लिए होता है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी किया जाता है, तब उसे मिश्रित कृषि कहा जाता है।

इस प्रकार की कृषि मुख्यतः विकसित देशों में पाई जाती है। संयुक्त राज्य अमेरिका, अर्जेंटीना, दक्षिण-पूर्वी आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड एवं दक्षिण आफ्रीका में यह कृषि प्रचलित है।

3 विभिन्न फसलें विभिन्न प्रदेशों में उगाई जाती हैं। कारण बताएँ।
उत्तर-विभिन्न फसलों के उत्पादन के लिए अलग तरह की मृदा, तापमान, पानी की उपलब्धता, सूर्य के प्रकाश की आवश्कयता होती है। विभिन्न प्रदेशों की स्थालाकृति में अंतर व प्राकृतिक
दशाओं में अंतर के कारण विभिन्न फसलें विभिन्न प्रदेशों में उगाई जाती है।

4 किसी क्षेत्र में फसलों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक कौन-कौन से हैं?
उत्तर-किसी क्षेत्र में फसलों को प्रभावित करने वाले कारक निम्न है-
(क) भूमि की उपलब्धता.
(ख) जलवायु की दशाएँ,
(ग) विभिन्न प्रकार की मृदा,
(घ) सिंचाई की व्यवस्था,
(ङ) पूँजी एवं श्रमिकों की उपलब्धता आदि ।

5 निर्वाह-कृषि और वाणिज्यिक-कृषि में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर-निर्वाह कृषि और वाणिज्यिक कृषि में अंतर-

निर्वाह कृषि

(a) इसके अंतर्गत फसलें छोटे खेतों में घर के लोगों की सहायता से अपने निर्वाह के लिए पैदा की जाती हैं।
(b) अधिक आबादी वाले देशों जैसे चीन, जापान, भारत, श्रीलंका आदि में में इस प्रकार की कृषि की जाती है। मुख्यतः खाधान्न उगाए जाते हैं।

वाणिज्यिक कृषि

(a) ऐसी कृषि जिसमें किसान व्यापार के लिए फसलें पैदा करते हैं ताकि अपनी आय बढ़ा सकें वाणिज्यिक कृषि कहलाती है।
(b) यह बड़े-बड़े फार्मों पर कृषि आधुनिक वैज्ञानिक ढंग से की जाती है। चाय, रबर, गेहूँ, कहवा आदि की कृषि इसके उदाहरण है।

6 प्राथमिक और तृतीयक क्रियाओं में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर-प्राथमिक और तृतीयक क्रियाओं में अंतर-

प्राथमिक क्रिया
(a) प्राथमिक क्रियाओं में उन क्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है जिनका संबंध प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन और निष्कर्षण से है। जैसे- कृषि, मत्स्यन और संग्रहण।
(b) इन क्रियाओं में परिवार के सदस्य मिलकर कार्य करते है।
(c) विकासशील देशों की पहचान है।

तृतीयक क्रिया

(a) तृतीयक क्रियाएँ, प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र को सेवा कार्य द्वारा सहयोग प्रदान करती हैं।
यातायात, व्यापार, बैंकिंग, बीमा, विज्ञापन आदि इसके उदाहरण हैं।
(b) इनमें बहुत से लोग मिलकर कार्य करते हैं।
(c) विकसित देशों की पहचान है।