इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी पाठ 7 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Ncert Solution For Class 9th

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इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी पाठ 7 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | Ncert Solution For Class 9th के इस पोस्ट पर सभी विद्यार्थी का स्वागत है, आज हम सभी विद्यार्थी पाठ से जुड़ी अभ्यास प्रश्न जो काफी महत्वपूर्ण है उन सभी सवालों के जवाब पढ़ने के लिए मिलेगा तो चलिए शुरू करते हैं –

इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी पाठ 7 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर क्लास 9th

इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी पाठ 6 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के उत्तर
इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी पाठ 6 लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर
इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी पाठ 6 अति लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर
1 ऐतिहासिक रूप से एक ग्रामीण खेल के रूप में पैदा होने से टेस्ट क्रिकेट में किस तरह की विलक्षणताएँ पैदा हुई हैं ?
उत्तर-क्रिकेट के नियमों का विकास समय के साथ-साथ होता रहा परन्तु फिर भी यह खेल अपने ग्रामीण अतीत के साथ जुड़ा रहा-
(क) क्रिकेट की ग्रामीण सम्बन्ध की पुष्टि इस बात से हो जाती है आरम्भ में क्रिकेट मैच की समय सीमा कोई निश्चित नहीं थी। खेल तब तक चलता रहता था जब तक एक टीम दूसरी टीम को दुबारा पूरा आउट न कर दे।
ग्रामीण जीवन की गति बड़ी धीमी थी और क्रिकेट के नियम इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाए गए। परन्तु जब औद्योगिक क्रांति के बाद जीवन की गति तेज हुई तो क्रिकेट टैस्ट मैच की सीमा पहले तीन दिन और बाद में पाँच दिन निश्चित की गई।
(ख) क्रिकेट के मैदान के आकार अस्पष्ट होना इसके ग्रामीण की शुरुआत का सबूत है। क्रिकेट मूलतः गाँव के बाहर साझी भूमि में खेला जाता था जिस पर सब गाँव वालों का हक होता था।
क्योंकि इस साझी भूमि, जिसे कॉमन्स कहा जाता था, का आकार हर गाँव में अलग-अलग होता था इसलिए क्रिकेट के मैदान का आकार-प्रकार निश्चित नहीं हो सकता था जब बाद में सीमा रेखा क्रिकेट के नियमों का हिस्सा भी बनी तो भी क्रिकेट से उसकी दूरी निश्चित नहीं की गई। इस सम्बन्ध में नियम यह कहता है कि ‘अंपायर दोनों कप्तानों से मिलकर खेल के इलाके की सीमा तय करेगा।
(ग) यदि हम क्रिकेट खेल के उपकरणों को ही देखें तो पता चलता है कि के बदलने के बावजूद क्रिकेट ने अपनी ग्रामीण जड़ों को नहीं छोड़ा। क्रिकेट के सबसे आवश्यक उपकरण जैसे बल्ला, स्टंप व गिल्लियाँ आदि, प्रकृति में उपलब्ध पूर्व-औद्योगिक सामग्री अर्थात् लकड़ी आदि से ही बनते हैं।
इसी प्रकार बल्ला और गेंद आदि हाथ से ही बनते हैं न किसी मशीन द्वारा। गोल्फ और टेनिस के विपरीत, क्रिकेट ने अपने उपकरणों के लिये प्लास्टिक, फायबर-शीशा या धातु जैसी औद्योगिक या कृत्रिम सामग्री के प्रयोग को सिरे से नकारा है।

इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी प्रश्न उत्तर और नोट्स

2 भारत और वेस्टइंडीज में ही क्रिकेट क्यों इतना लोकप्रिय हुआ ? क्या आप बता सकते हैं कि यह खेल दक्षिणी अमेरिका में इतना लोकप्रिय क्यों नहीं हुआ?
उत्तर-भारत और वेस्टइंडीज में क्रिकेट इतना लोकप्रिय क्यों हुआ ?- यह बड़ी अजीब बात है कि जब हॉकी और फुटबाल जैसे टीम-खेल अंतर्राष्ट्रीय बन गए. क्रिकेट औपनिवेशिक खेल ही बना रहा, अर्थात् यह उन्हीं देशों तक सीमित रहा जो भारत और वेस्टइंडीज की भाँति ब्रिटिश साम्राज्य के अंग थे।
वेस्टइंडीज में बसने वाले गोरे यह खेल अपने साथ ले गए. परन्तु भारत में इस खेल को स्थानीय अमीरों और उच्च वर्ग ने अपनाया क्योंकि यह खेल सामाजिक श्रेष्ठता का प्रतीक बन चुका था और भारतीय इसमें पीछे नहीं रहना चाहते थे।
क्रिकेट दक्षिणी अमेरिका में इतना लोकप्रिय क्यों नहीं हुआ- जैसा कि ऊपर कहा गया है कि क्रिकेट का खेल उन्हीं देशों में लोकप्रिय हुआ जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य के अंग थे। परन्तु दक्षिणी अमेरिका के बहुत से देश दूसरी यूरोपीय शक्तियों के अधीन रहे, न कि इंग्लैंड के।
जैसे चिल्ली और अर्जेंटीना स्पेन के अधीन रहे, ब्राजील पुर्तगाल के अधीन रहा, फ्रेंच गुयाना फ्रॉस के अधीन था, सुरीनाम और डच गुयाना हालैंड के अधीन रहा। इसलिए दक्षिणी अमेरिका के बहुत से देश इंग्लैंड के सम्पर्क में न आ सके।
क्रिकेट, जो बिल्कुल एक अंग्रेजी खेल था, दक्षिणी अमेरिका के विभिन्न देशे में लोकप्रिय न हो सका। आज भी दक्षिणी अमेरिका के किसी भी देश की क्रिकेट टीम विश्व स्तर की नहीं है।

इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी पाठ 7 Ncert Solution

3 तकनीक के क्षेत्र में आए बदलावों, खासतौर से टेलीविजन तकनीक में आए परिवर्तनों से समकालीन क्रिकेट के विकास पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर-इस बात में कोई भी अतिश्योक्ति नहीं कि तकनीक के क्षेत्र में आए बदलावों, खासतौर से टेलीविजन तकनीक में आए परिवर्तनों से समकालीन क्रिकेट के विकास पर बड़ा गहरा प्रभाव पड़ा है। यह बात निम्नांकित विवरण से और भी स्पष्ट हो जाती है-
(क) टीवी प्रसारण द्वारा क्रिकेट की जो पहुँच छोटे शहरों और गाँवों के दर्शकों तक हो गई, उसने इस खेल की लोकप्रियता को चार चाँद लगा दिये। अब हर कोई, क्या शहर में रहने वाला और क्या गाँव में रहने वाला, भारतीय खिलाड़ियों के हर चौके और छक्के पर झूम उठता है। बिना टीवी के यह सब कुछ कैसे सम्भव हो सकता था।
(ख) टीवी के कारण क्रिकेट का खेल हर स्कूल बच्चे के आकर्षक का मुख्य केन्द्र बन गया है। बड़ों से अधिक छोटे बच्चे इस खेल में अधिक दिलचस्पी दिखाते हैं और बैटिंग से लेकर बाउलिंग तक की हर पेचीदगियों को समझते है। ऐसे में ही स्कूलों से हमारे क्रिकेट के खिलाड़ी निकल कर आते हैं। आज के बाल-क्रिकेट खिलाड़ी टीवी की ही तो देन हैं।
(ग) इस टीवी प्रसारण के कारण ही हमारे क्रिकेट बोर्ड जैसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड, जो बी०सी० सी० आई० के नाम से जाना जाता है। कितने धनी हो चुके हैं। प्रसारण के एकाधिकार से वे अगणित धनराशि कमाने लगे हैं। टीवी से पहले उन्हें कौन पूछता था।
(घ) टीवी के कारण ही हमारे क्रिकेट खिलाड़ी एक जानी मानी हस्ती बन गए हैं। हर कोई व्यापारिक कम्पनी उन्हीं द्वारा अपनी वस्तुओं का प्रचार और प्रसारण करने पर अपनी विक्री कई गुणा बढ़ा लेती है और ऐसे में खिलाड़ियों की भी चाँदी हो जाती है।
इतिहास और खेल : क्रिकेट की कहानी Social Science History
4 ‘क्रिकेट तथा विक्टोरियन इंग्लैंड’ पर एक निबंध लिखें।
उत्तर-(क) इंग्लैंड में क्रिकेट संघ ने अंग्रेजी सामाजिकता को प्रदर्शित किया। धनी लोग जो शौकिया क्रिकेट खेल सकते थे शौकीन कहलाये तथा गरीब लोग जो जीविका के साधन के रूप में क्रिकेट खेलते थे वे व्यवसायी कहलाये।
(ख) शौकीनों का कारण- शौकीन दो कारणों से बने-
(i) वे लोग खेल को आराम का साधन मानते थे।
(ii) इस खेल में अधिक धन नहीं था।
(ग) व्यवसाय के लिए क्रिकेट-
(1) क्रिकेट के व्यवसायिवों की मजदूरी अनुदान अथवा गेट पर आये धन से दी जाती थी।
(ii) क्रिकेट का खेल मौसमी खेल था तथा इसमें वर्ष भर के लिए रोजगार नहीं मिलता था। अधिकतर लोग सर्दियों में काम करते थे।
(घ) शौकीनों की सामाजिक उच्चता-
(1) शौकीनों का बड़प्पन क्रिकेट की परंपरा बन गया। इनको भला आदमी समझा जाने लगा जबकि व्यवसायी को एक खिलाड़ी ही समझा गया।
(ii) व्यवसायी यहाँ तक कि दूसरे दरवाजे से मैदान में आते थे।
(ii) शौकीन बल्लेबाज थे तथा तेज गेंदबाज व्यवसायी खिलाड़ी करते थे।
(ङ) क्रिकेट एक बल्लेबाज का खेल था, क्योंकि इसके नियम भले आदमी के पक्ष में बने थे जो बल्लेबाज था। शौकीनों का सामाजिक बड़पन्न क्रिकेट का कप्तान बनाने का एक कारण था इसलिए नहीं कि बल्लेबाज एक अच्छा खिलाड़ी था। Ncert Solution

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