फ्रांसीसी क्रांति पाठ 1 इतिहास लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर | Ncert Solution For Class 9th

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फ्रांसीसी क्रांति पाठ 1 इतिहास लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर, Ncert Solution For Class 9th के इस ब्लॉग पोस्ट में आप सभी विद्याथियों का स्वागत है, इस ब्लॉग पोस्ट में आप सभी विद्यार्थियों को पाठ से जुड़ी हर महत्त्व पूर्ण परीक्षा उपयोगी प्रश्न को कवर किया गया है जो पिछले कई परीक्षाओं में पूछे जा चुके है और आने वाले परीक्षाओं में भी पूछे जा सकते है ,इस लिए इस पोस्ट को पूरा अध्ययन करे , तो चलिए शुरू करते हैं |

फ्रांसीसी क्रांति पाठ 1 लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर Ncert Solution for class 9th

1 डिरेक्ट्री से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-रोबेस्टयेरे तथा उसके साथियों को मृत्युदंड देने के बाद देश में नया संविधान लागू किया गया तथा देश का शासन पाँच डायरेक्टरों की एक समिति के हाथ में सौंप दिया गया।
1795 से 1799 ई० तक डायरेक्टरों ने फ्राँस पर शासन किया परन्तु नेपोलियन के प्रभुत्व में आ जाने पर पहले उसने डायरेक्टरी के एक काउँसल के रूप में कार्य किया परन्तु फिर 1804 ई० में डिरेक्ट्री को भंग करके उसने अपने-आप को सम्राट घोषित कर दिया।
2 तीसरे वर्ग (एस्टेट) की व्याख्या करें।
उत्तर-1789 ई० में, जब फ्रॉस की क्रांति आरम्भ हुई, फ्रांसीसी समाज विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग और साधारण वर्ग में बँटा हुआ था। साधारण वर्ग जिसे कोई भी विशेषाधिकार प्राप्त नहीं थे, तीसरा वर्ग कहलाता था।
इस वर्ग में किसान, मजदूर, दस्तकार तथा मध्य वर्ग के लोग जैसे- अध्यापक, डॉक्टर, वकील, लेखक असैनिक अधिकारी आदि लोग सम्मिलित थे। इन सभी लोगों को कोई भी राजनीतिक अधिकार प्राप्त न थे। इन्हीं लोगों ने फ्रांस की क्रांति में विशेषाधिकार वर्ग का विरोध किया था।
3 लुई सोलहवें का परिचय दें और बताएँ कि उसकी फ्रॉस की क्रांति में क्या भूमिका थी?
उत्तर-लुई सोलहवीं फ्रॉस का एक निरंकुश शासक था। वह जिद्दी और बुद्धिहीन व्यक्ति था। उसका चरित्र दुर्बल और स्वभाव अस्थिर था।
वह सदा भोग-विलास में डूबा रहता था। सरकारी अधिकारियों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं था। वह सरकारी खजाने को व्यर्थ के कार्यों में लुटाता था। उसके गलत स्वभाव के कारण ही फ्रॉस की सरकार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।
अंत में उसके दोषी स्वभाव के कारण तथा चरित्र अच्छा न होने के कारण सन् 1792 में उसे फाँसी दे दी गई।
4 रूसो का परिचय दें। उसकी फ्राँस की क्रांति में क्या भूमिका थी?
उत्तर-रूसो एक महान विचारक था। जिसका प्रभाव फ्राँस की जनता पर अन्य लेखकों तथा विचारकों की तुलना में सबसे अधिक पड़ा। उसकी पुस्तक सामाजिक समझौता’ द्वारा लोगों को क्रांति के लिए प्रेरित करने वाले विचार मिले।
उसने लोगों के सामने एक ऐसे समाज की स्थापना का विचार रखा जिसमें उन्हें स्वतंत्रता, समानता और न्याय की प्राप्ति की आशा थी। उसके इन नवीन विचारों ने क्रांतिकारी विस्फोट को जन्म दिया।
5 वाल्टेयर का परिचय दें और बताएँ कि उसकी फ्रॉस की क्रांति में क्या भूमिका थी?
उत्तर-वाल्टेयर भी एक अन्य क्रांतिकारी लेखक था। उसने चर्च और राज्य की बुराइयों को जनता के सामने कटु सत्य के रूप में रख दिया।
उसका विश्वास था कि प्राचीन प्रथाओं, अन्ध विश्वासों तथा कट्टरताओं को उखाड़ फेंके बिना नवयुग का आरम्भ नहीं हो सकता अतः क्रांति आवश्यक है। इस प्रकार उसने क्रांति की पृष्ठभूमि तैयार की।

फ्रांसीसी क्रांति पाठ 1 लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर और Ncert Solution Notes

6 नेपोलियन बोनापार्ट का परिचय दें। उसकी फ्रॉस की क्रांति में क्या भूमिका थी?
उत्तर-नेपोलियन फ्रॉस का एक महान सेनापति था। उसने क्रांति के दिनों में फ्रांस का मान काफी समय तक ऊँचा किए रखा और उसके नाम को चार चाँद लगा दिए।
एक समय ऐसा था कि यूरोप के सब देश उसके नाम से कॉपते थे। मनुष्य होने के नाते उसकी शक्तियों सीमित थी इसलिए अंत में उसे यूरोप की संगठित शक्ति के सामने झुकना पड़ा।
1815 ई० में वाटरलू की लड़ाई में उसकी हार हुई और उसे बंदी बनाकर सेन्ट हेलना के टापू में भेज दिया गया जहाँ 1821 ई० में उसकी मृत्यु हो गई।
7 4 अगस्त, 1789 की रात्रि में फ्रांस की राष्ट्रीय सभा ने जो घोषणा की थी उसके प्रमुख बिंदु को लिखें।
उत्तर-(क) 4 अगस्त, 1789 की रात्रि को फ्रॉस की राष्ट्रीय सभा ने सामन्तवादी व्यवस्था की एक घोषणा कर पूर्णतया समाप्त कर दिया।
(ख) पादरी वर्ग के सदस्यों को अपने विशेषाधिकार त्यागने के लिए विवश किया।
(ग) दसवाँ (टिथेस) भाग कर का उन्मूलन हो गया तथा चर्च के पास जिन भूमियों का स्वामित्व था उनको छीन लिया गया।
(घ) इस घोषणा के परिणामस्वरूप फ्राँस की सरकार ने लगभग दो अरब लीवर्स (फ्रॉस का एक सिक्का) के बराबर की सम्पदा प्राप्त की।
8 फ्राँस एक संवैधानिक राजतंत्र बन गया। कैसे?
उत्तर-(क) फ्रॉस की राष्ट्रीय सभा ने 1791 में संविधान के ड्राफ्ट को पूरा किया गया। इस (संविधान) का मुख्य उद्देश्य निरंकुश राजा की शक्तियों को सीमित करना था।
(ख) राजनीतिक शक्तियों को किसी एक व्यक्ति के हाथ में केन्द्रित करने की बजाय सरकार के विभिन्न अंग जैसे कि व्यवस्थापिका, कार्यकारिणी एवं न्यायपालिका नामक विभिन्न संस्थाओं में बाँट दिया गया। इस कदम ने फ्राँस के राज्य प्रमुख की स्थिति बिल्कुल ब्रिटेन के राजा या रानी जैसी ही हो गई।
9 फ्रॉस की क्रांति से पूर्व पादरी वर्ग और कुलीन वर्ग के जीवन पर प्रकाश डालें।
उत्तर– पादरी वर्ग- रोमन कैथोलिक चर्च के पादरी लोग बहुत धनी थे और बड़ी-बड़ी जागीरों के मालिक थे। उन्हें बहुत से विशेषाधिकार प्राप्त थे। उनका जीवन बहुत विलासी था। वे धर्म की आड़ में अनेक पाप, दुराचार, और व्यभिचार करते थे।
वर्ष के काम के लिए उन्होंने छोटे पावरी अथवा सेवक लगा रखे थे जिन्हें बहुत कम वेतन देकर तथा अनुचित दबाब डालकर ये उनसे काम निकलवा लेते थे। यह श्रेणी राजा के पक्ष में थी। अभिजात या कुलीन वर्ग- इस श्रेणी में बड़े-बड़े भूमिपति तथा सरकारी अधिकारी आदि शामिल थे।
इन लोगों के पास अपनी जागीर होती थीं। उन्हें अपने इलाके में शराबखाने, आटे की भावकी तथा तन्दूर खोलने का विशेषाधिकार प्राप्त होता था। उन्हें शिकार करने का भी विशेष अधिकार प्राप्त था।
यदि उनके पशु किसानों की फसल या खेती को बरबाद कर देते थे तो भी किसान उनके विरुव कुछ भी नहीं कर सकते थे। यह कोणी भी राजा के पक्ष में थी।

फ्रांसीसी क्रांति पाठ 1 हिंदी में कक्षा 9 एनसीईआरटी

10 वाटरलू की लड़ाई कब और क्यों हुई थी ?
उत्तर-जून 1815 ई० में वाटरलू में लड़ा गया युब बाटरलू’ के नाम से प्रसिद्ध है इस युद्ध में एक ओर इंग्लैंड और उसके मित्र देश थे तथा दूसरी ओर फ्रॉस के राजा नेपोलियन बोनापार्ट के नेतृत्व में प्रॉस की सेनाएँ थीं ।
वाटरलू के युद्ध में नेपोलियन बोनापार्ट हार गया और उसे बंदी बनाकर सेंट हेलेना के द्वीप में भेज दिया गया जहाँ पर सन् 1821 में उसकी मृत्यु हो गई। यह फ्रॉस के एक परमवीर योद्धा का दुखद अंत था।
11 फ्रॉस की क्रांति से पूर्व फ्रांस के किसानों की दशा का वर्णन करें।
उत्तर-फ्रॉस की कुल जनसंख्या का लगभग 80% जनसाधारण किसान थे। उनका जीवन-स्तर बड़ा निम्न था। कुछ किसानों के पास अपनी भूमि थी परन्तु अधिकांश किसान भूमिहीन थे, जिन्हें कृषि-दास कहा जाता था।
वे उच्च वर्ग की भूमि पर खेती करते थे। लगान एवं अन्य कर देने के पश्चात् उसके पास अपनी उपज का केवल 17% ही शेष रह जाता था। इस आय से उन्हें पेटभर भोजन भी नहीं मिल पाता था। भूमिहीन किसानों से बेगार ली जाती थी। उनकी दशा
पशुओं से भी बुरी थी।
12 फ्रॉस की क्रांति से पूर्व फ्रांस की आर्थिक दशा का वर्णन करें।
उत्तर-अनेक युद्धों में भाग लेने के कारण फ्रॉस की आर्थिक दशा बहुत बिगड़ गई थी।
वहाँ के सम्राटों-लुई 14 वें, लुई 15 ये एवं लुई 16 वें के विलासी जीवन ने देश की आर्थिक स्थिति को और अधिक बिगाड़ दिया था।
कर प्रणाली भी अच्छी नहीं थी। करों का भार जनता पर था और धनी लोग करों से मुक्त थे। जनता से लिए गए करों की पूरी राशि भी सरकारी खजाने में जमा नहीं होती थी।
13 नेपोलियन का पतन क्यों हुआ ?
उत्तर- नेपोलियन के पतन का कारण-
(क) 1798 ई० से लेकर 1815 ई० तक नेपोलियन लगभग 60 युद्ध लड़े थे जिसमें लगभग 4,000,000 लोग मारे गए थे। इस पर लोग युद्ध से ऊब चुके थे और हर हालत में नेपोलियन को समाप्त कर देना चाहते थे।
(ख) नेपोलियन अंतर्राष्ट्रीय युद्धों में उलझ गया और उसके पतन का सबसे मुख्य कारण बन गया रूस पर आक्रमण। 1812 ई० में रूस पर आक्रमण करके उसने अपने पतन का दरवाजा खोल दिया। रूस को साथ युद्ध में उसकी सेनाओं की करारी हार हुई।
(ग) नेपोलियन का पतन वास्तव में 1815 ई० में हुए बाटरलू के युद्ध में हुआ। यह गुट नेपोलियन तथा अंग्रेजी सेनापति आर्क पैलजली के अधीन लड़ा गया। इस युद्ध में हारने के पश्चात उसे सेट हेलेना नामक टापू भेज दिया गया जहाँ 1821 ई० में उसकी मृत्यु हो गई। 
jharkhand board

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