दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th महत्वपूर्ण पॉइंट। मानक रूप पाठ 3

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th
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1 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th महत्वपूर्ण पॉइंट। मानक रूप पाठ 3
1.1 NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 Important Topices
1.1.3 दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th के महत्वपूर्ण सूत्र

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th महत्वपूर्ण पॉइंट। मानक रूप पाठ 3

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th के इस ब्लॉग पोस्ट में आज हम बताने वाले है , इस पाठ से जुड़ी हर प्रकार की पॉइंट जिसका प्रयोग करके इस पाठ  में दिए गए किसी भी सवाल को हल करने में आपकी मदद करेगी , इस साडी पॉइंट को विद्यार्थी एक बार अगर समझ ले तो पाठ  में दिए गए किसी भी प्रश्न का हल आसानी से कर सकता है , क्योकि इस पोस्ट में गणित कक्षा 10 के  पाठ 3   से जुड़ी सभी टॉपिक को कवर किया गया है ।

NCERT Solutions for Class 10 Maths Chapter 3 Important Topices

1. दो चरों वाले रैखिक समीकरणों का निकाय (System of Linear Equations in Two Variables)

परिचय (Introduction)

पूर्व कक्षा में हम दो चरों वाले रैखिक समीकरणों से परिचित हो चुके हैं। दो चरों वाले रैखिक समीकरणों का आलेख खींचना भी सीख चुके हैं। यहाँ हम दो चरों वाले रैखिक समीकरणों के निकाय का हल आलेखी विधि से एवं बीजीय विधि से निकालने की चर्चा करेंगे।

दो चरों वाले रैखिक समीकरणों का निकाय  (samikaran math)

दो चरों में दो या दो से अधिक रैखिक समीकरण समीकरणों के निकाय बनाते हैं ।
(Two or more than two linear equations in two variables is said to form a system of linear equations.)

रैखिक युगपत समीकरण (Simultaneous Linear Equations)

दो चर वाले रैखिक समीकरण की परिभाषा

दो चरों में दो रैखिक (एक घातीय) समीकरणों का निकाय रैखिक युगपत समीकरण कहलाता है। दो रैखिक समीकरणों के निकाय का व्यापक रूप । (general form) निम्न प्रकार होगा
a1x+ b1y + c1 = 0
a2x + b2y + c2 = 0

जहाँ a1, b1, a2, b2 शून्य नहीं है।

उदाहरण : (i) 3x +2y = 8
5x – 2y = 16
(ii) 2x-3y =1
3x-4y=1
(iii) 3x+2y = 14
-x+4y=7
x तथा y के वे मान जो दोनों समीकरणों के निकाय को संतुष्ट करते हैं युगपत समीकरण का हल (solution) कहलाता है ।

रैखिक युगपत समीकरणों का हल (samikaran)

रैखिक युगपत समीकरणों का हल ज्ञात करने की निम्नलिखित दो विधियाँ हैं :
I. आलेखी विधि (Graphical method) तथा
II. बीजीय विधि (Algebraic method)

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th Math Ruls

I. आलेखी विधि (Graphical Method)

इसके अन्तर्गत दिये गये रैखिक युगपत समीकरणों  a1x+ b1y + c1 = 0  तथा
a2x + b2y + c2 = 0 का आलेख खींचा जाता है। यदि रैखिक समीकरण  a1x+ b1y + c1 = 0  तथा a2x + b2y + c2 = 0  के आलेख को क्रमशः रेखाओं । तथा m से प्रकट किया जाय तो तीन सम्भावनाएँ हैं :-
(i) 1 और m एक-दूसरे को प्रतिच्छेद कर सकते हैं।
(ii) 1 और m एक-दूसरे के समान्तर हो सकते हैं।
(iii) 1 और m संपाती हो सकते हैं।

(i) जब । और m एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हों :-

इस स्थिति में समीकरण निकाय का अद्वितीय हल मिलता है। प्रतिच्छेद बिन्दु का भुज (abscissa) और कोटि (ordinate) ही अभीष्ट हल होता है। रैखिक समीकरणों का निकाय अविरोधी या संगत (consistent) कहलाता है यदि इसका हल संभव है।

उदाहरण: x+y = 2 तथा  x-y= 0
यह समीकरण-निकाय संगत या अविरोधी (consistent) है, क्योंकि x = 1, y = 1 इन दोनों समीकरणों को एक-साथ संतुष्ट करते हैं।

(ii) जब । और m समांतर हों :-

इस स्थिति में समीकरण निकाय का कोई हल नहीं मिलता है। रैखिक समीकरणों का निकाय विरोधी या असंगत (inconsistent) कहलाता है यदि इसका हल असम्भव है।

उदाहरण :x+y= 2 तथा x+y= 5 यह समीकरण निकाय विरोधी या असंगत (inconsistent) है, क्योंकि x और y के कोई मान इन दोनों समीकरणों को एक साथ संतुष्ट नहीं करेंगे।

(iii) जब । और m संपाती (Coincident) हों :-

इस स्थिति में चर x का कोई स्वेच्छ (arbitrary) मान लिया जाय तथा उसके संगत (corresponding) निकाय के किसी समीकरण से दूसरे चर y का मान निकाला जाय तो ये सभी मान दिए गए समीकरण निकाय के हल होंगे। इस स्थिति में समीकरण निकाय का अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं अर्थात् निकाय संगत होता है। संपाती रेखाओं को निरूपित करने वाले समीकरण- निकाय के समीकरण आश्रित समीकरण (dependent equa- tions) कहलाते हैं। आश्रित समीकरण एक-दूसरे के समतुल्य (identical) होते हैं अर्थात् कोई समीकरण दूसरे समीकरण को अचर से गुणा करके अथवा भाग देकर प्राप्त किया जा सकता है।

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म के गणित के सवाल हल सहित

नियम 1. आलेख खींचकर समीकरण निकाय का हल ज्ञात करने पर आधारित प्रश्न

कार्यकारी नियम (Working Rule)

1. चर x, y में दिये गये दोनों समीकरणों को बारी-बारी से y के बराबर लिखें।
2. दोनों समीकरणों के लिए अलग-अलग मान सारणी बनायें।
फिर दोनों समीकरणों का आलेख समान अक्षों पर एक ही स्केल लेकर खींचें।
3. यदि दोनों रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करती हैं तो हल अद्वितीय होगा। हल के लिए प्रतिच्छेद बिन्दु का भुज तथा कोटि ज्ञात करें।
4. यदि भुज तथा कोटि क्रमशः a और b हों तो दिये हुए समीकरण निकाय का हल x = a तथा y = b होगा।
5. यदि रेखाएँ समान्तर हों तो कोई हल नहीं होगा।
6. यदि रेखाएँ संपाती हों तो हल अनन्त (अनगिनत) होगा।

नियम 2. आलेख से एक अज्ञात राशि में एक सरल समीकरण का हल निकालना

कार्यकारी नियम (Working Rule):-

1. चर X में दिये गये समीकरण के दोनों पक्षों को अलग- अलग y के बराबर लिखकर दो समीकरण बनायें। जैसे : x+4 = 7 को हल करने के लिए y = x + 4 तथा y= 7 युगपत समीकरण बनायें ।
2. फिर दोनों समीकरणों का आलेख खींचें।
3. दोनों समीकरणों के आलेख जिस बिन्दु पर मिलते हैं उसका भुज दिये गये समीकरण का हल होगा।

नियम 3. व्यावहारिक प्रश्नों के युगपत समीकरणों के आलेख पर आधारित प्रश्न

कार्यकारी नियम (Working Rule) कक्षा 10 गणित के लिए उपयोगी  :-

1. प्रश्न को ठीक से पढ़कर समझें तथा अज्ञात राशि को x और y मानें।
2. दी गई शर्तों के अनुसार x तथा ) में दो समीकरण बनायें।
3. दोनों समीकरणों का आलेख खींचें।
4. निरूपण का स्केल x-अक्ष तथा y-अक्ष पर यदि आवश्यकता हो तो अलग-अलग लें।

II. युगपत समीकरण के हल ज्ञात करने की बीजीय विधियाँ (Algebraic Method of Solving Simultaneous Equations)

दो चर वाले युगपत रैखिक समीकरण का हल ज्ञात करने की आलेखी विधि हम देख चुके हैं। आलेखी विधि से समीकरणों का हल करना असुविधाजनक है तथा इस विधि से हल भी ठीक-ठीक प्राप्त नहीं होते हैं। युगपत रैखिक समीकरणों का हल ठीक-ठीक (exact solution) प्राप्त करने के लिए बीजीय विधि का उपयोग किया जाता है।

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th के महत्वपूर्ण सूत्र

युगपत समीकरण को हल करने की निम्नलिखित चार बीजीय विधियाँ हैं :-

(i) तुलनात्मक विधि (Method of Comparision)
(ii) प्रतिस्थापन विधि (Method of Substitution)
(iii) लुप्तीकरण विधि या गुणांकों को बराबर करने की विधि
(Method of Elimination or Method of Equating the Co-efficients)
(iv) बज्र गुणन विधि (Method of Cross Multiplication)

(i) तुलनात्मक विधि (Method of Comparision)

इस विधि में युग्म समीकरणों में से प्रत्येक समीकरण से एक ही अज्ञात राशि के पद में दूसरी अज्ञात राशि को निकाला जाता है तथा दोनों परिणामों को बराबर करके एक चर में रैखिक समीकरणों को हल करने की विधि से हल किया जाता है ।

(ii) प्रतिस्थापन विधि ( method of Substitution)

इस विधि के अंतर्गत किसी एक समीकरण से एक अज्ञात राशि का मान दूसरी अज्ञात राशि के पदों में मालूम किया जाता है तथा इस मान को दूसरे समीकरण में रखकर हल किया जाता है |

(iii) लुप्तीकरण विधि या गुणकों को बराबर करने की विधि (Method of Elimination or Method of Equating the Co-efficients) 

इस विधि के अन्तर्गत एक या दोनों समीकरणों को यथासम्भव दो छोटी अशून्य संख्या से गुणा किया जाता है जिससे दोनों समीकरणों में किसी एक अज्ञात राशि का गुणांक बराबर हो जाता है। सामान्य तौर पर पहले समीकरण में x के गुणांक से दूसरे समीकरण को तथा दूसरे समीकरण में x के गुणांक से पहले समीकरण को गुणा किया जाता है।

अब यदि इन दोनों परिवर्तित समीकरणों में किसी चर का गुणक समान एवं समान चिह्न के हों तो एक समीकरण से दूसरे समीकरण को घटाया जाता है और यदि गुणक समान एवं विपरीत
चिह्न के हों तो जोड़ा जाता है। ऐसा करने से एक ऐसा समीकरण प्राप्त होगा जिसमें केवल एक ही अज्ञात राशि रहेगी। इस अज्ञात राशि का मान मालूम कर तथा चर के इस मान को दोनों
समीकरणों में से किसी एक में रखकर दूसरी अज्ञात राशि का मान मालूम किया जाता है।

(iv) बज्र गुणन विधि (Method of Cross Multiplication) 

इस विधि द्वारा युगपत समीकरण का हल निकालने के पूर्व हम दो चर के व्यापक समीकरण (general equation)
निकाय के चरों में सम्बन्ध प्राप्त करेंगे।

नियम 1. दिये गये समीकरण निकाय के संगत, असंगत तथा आश्रित होने की पहचान पर आधारित प्रश्न

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th कक्षा के मुख्य सूत्र

कार्यकारी नियम (Working Rule) :-

निम्नलिखित कथनों में से जिसकी आवश्यकता हो उसका प्रयोग करें।

1. यदि समीकरण निकाय का व्यापक रूप a1x+ b1y + c1 = 0 तथा a2x + b2y + c2 = 0 हो

तो   1 समीकरण निकाय  और CodeCogsEqn (1) ज्ञात करें।

2. यदि  CodeCogsEqn (2) तो दिया गया समीकरण निकाय संगत होगा तथा निकाय का केवल एक हल होगा।
3. यदि  CodeCogsEqn (3) तो दिया गया समीकरण निकाय असंगत होगा तथा निकाय का कोई भी हल नहीं होगा।
4. यदि  CodeCogsEqn (4)  तो दिये गये समीकरण निकाय के समीकरण आश्रित होंगे तथा निकाय के अपरिमित रूप से अनेक (अनगिनत) हल होंगे। यह निकाय भी संगत होगा।
5. यदि c1 = c2 =0 और  CodeCogsEqn (2) तो निकाय का केवल एक हल x = 0, y = 0 होता है और यदि  CodeCogsEqn (5)  तो निकाय के अनन्ततः अनेक (अनगिनत) हल होते हैं।

नियम II. वैसे युगपत समीकरणों पर आधारित प्रश्न जसमें चर और अचर में से कोई भिन्न के रूप में न हो

कार्यकारी नियम (Working Rule) :-

1. दिये गये समीकरण निकाय का हल अद्वितीय होगा या नहीं, यह जानने के लिए दिये गये समीकरणों को व्यापक रूप a1x+ b1y + c1 = 0 तथा a2x + b2y + c2 = 0 में सजाकर लिखें।
2 CodeCogsEqn (6) . तथा CodeCogsEqn (7) का मान निकालकर देखें। यदि  CodeCogsEqn (2) तो दिये गये समीकरण निकाय का अद्वितीय हल होगा।
3. इसके बाद किसी भी बीजगणितीय विधि से हल करें।

गुणकों को बराबर करने की विधि (लुप्तीकरण विधि)

हल करने के लिए निम्नलिखित कार्यकारी नियमों का प्रयोग करें:-

(i) दिये गये युगपत समीकरणों में एक को (1) तथा दूसरे को (2) मानें।
(ii) प्रथम समीकरण में x के गुणांक से दूसरे समीकरण को गुणा करें और प्राप्त समीकरण को (3) मानें। दूसरे समीकरण में x के गुणांक से प्रथम समीकरण को गुणा करें और प्राप्त समीकरण को (4) मानें।
(iii) आवश्यकतानुसार समीकरण (3) तथा समीकरण (4) को जोड़ें या घटायें ताकि x वाला पद कट जाय।
(iv) प्राप्त समीकरण से y का मान निकालें। y का मान समीकरण (1) या (2) में रखकर का मान निकालें।
(v) x और y  के मानों को दिये गये युगपत समीकरणों में रखकर जाँच कर लें।

बज गुणन (Cross Multiplication) विधि द्वारा हल

(i) दिये गये दोनों समीकरणों को व्यापक रूप (ax + by + c = 0) में सजाकर एक के नीचे दूसरे को लिखें।
(ii) x के हर का व्यंजक u= (पहले समीकरण में y के गुणक x दूसरे समीकरण में अचर पद)- (पहले समीकरण में अचर पद x दूसरे समीकरण में y का गुणांक)
(iii) y के हर का व्यंजक v = (पहले समीकरण में अचर पद x दूसरे समीकरण में x के गुणक) – (पहले समीकरण में X के गुणक x दूसरे समीकरण में अचर पद)
(iv) 1 के हर का व्यंजक w= (पहले समीकरण में x के गुणक x दूसरे समीकरण में y के गुणक) – (पहले समीकरण में y के गुणक x दूसरे समीकरण में x के गुणक)
(v) CodeCogsEqn (8)  से x तथा y का मान निकालें। अथवा
(vi) दिये गये दोनों समीकरणों को व्यापक रूप (ax + by + c = 0) में सजाकर एक के नीचे दूसरे को लिखें।
(vii) समीकरणों के गुणकों को निम्न प्रकार लिखें।

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(viii) ऊपर बायें से नीचे दाहिनी ओर के संख्याओं के गुणनफल में से नीचे बायें से ऊपर दाहिनी ओर के संख्याओं के गुणनफल को घटायें। प्राप्त परिणाम से x तथा y का मान निम्नलिखित सूत्र से निकालें

CodeCogsEqn-compressed

अर्थात CodeCogsEqn (11) और

CodeCogsEqn (12)

नियम iii वैसे युगपत समीकरणों पर आधारित प्रश्न जिसमें अचर हर में तथा चर अंश में हो

कार्यकारी नियम (Working Rule):-
दिए गए समीकरणों को ax +by =c के रूप में लिखें और फिर नियम ii में दिए गए कार्यकारी नियमों के अनुसार हल करें

नियम IV. वैसे युगपत समीकरणों पर आधारित प्रश्न जिसमें एक या दोनों चर हर में हो

कार्यकारी नियम (Working Rule):

1. चर x तथा y जब हर में हो तो 1/x=u तथा 1/y=v मानकर दिये गये समीकरणों को u तथा v में रैखिक समीकरण के रूप में लायें।
2. फिर Type II में दिये गये कार्यकारी नियम के अनुसार हल कर u तथा v का मान निकालें।

3. u=1/x तथा V=1/y में u और v का मान रखकर x तथा y का मान निकालें।
4. गुणकों को बराबर करने की विधि या बज्र गुणन नियम का प्रयोग कर हल करें।

समस्याओं के हल में युगपत समीकरणों के अनुप्रयोग(Application of Simultaneous Equations in Solving Problems)

कुछ ऐसे व्यावहारिक प्रश्न होते हैं जिन्हें युगपत रैखिक समीकरण के रूप में लाकर आसानी से हल किया जा सकता है। इसके लिए प्रश्न को ठीक से पढ़कर एवं समझकर दी गई शर्तों को चर x तथा ) में युगपत समीकरण के रूप में लिखा जाता है। फिर युगपत समीकरण को हल कर x तथा ) का मान ज्ञात किया जाता है।

नोट : 1. अंकगणित में 26 का अर्थ है 2 x 10+6 यानी 26, 2 दहाई और 6 इकाई का योगफल | इसी तरह बीजगणित में यदि किसी संख्या के इकाई का अंक y तथा दहाई का अंक x हो तो संख्या : दहाई तथा y इकाई का योगफल यानी 10x + y होगा। पुनः अंकों को पलटने पर संख्या 10y + x हो जायेगा।

2. अगर दो राशियों का अनुपात 3 : 4 हो तो ये राशियाँ 3x और 4x मानी जा सकती हैं जहाँ x आनुपातिक स्थिरांक है

दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म 10th Math

नियम 1. संख्या ज्ञात करने पर आधारित प्रश्न

कार्यकारी नियम (Working Rule)

1. प्रश्न को ठीक से पढ़कर समझें तथा दो अंकों वाली किसी भी संख्या के इकाई एवं दहाई के अंकों को क्रमशः ) तथा x मानें । उस संख्या का मान 10x+ y होगा। प्रश्न में दी हुई शर्तों के अनुसार x तथा ) में दो समीकरण बनायें।

3. इन समीकरणों को हल कर x तथा ) का मान ज्ञात करें।
4. जाँच कर देख लें कि ये मान प्रश्न में दिये गये शर्तों को संतुष्ट करते हैं या नहीं।

नियम 2. भिन्न ज्ञात करने पर आधारित प्रश्न

कार्यकारी नियम (Working Rule)

1. प्रश्न को ठीक से पढ़कर समझें तथा भिन्न के अंश और हर को x एवं y मानें। भिन्न होगा।

2. प्रश्न में दी हुई शर्तों के अनुसार x एवं y में दो समीकरण बनायें।
3. इन समीकरणों को हल कर x तथा y का मान ज्ञात करें तथा जाँच कर देख लें कि ये मान प्रश्न में दिये गये शर्तों को संतुष्ट करते हैं या नहीं।

नियम 3. उम्र (आयु) ज्ञात करने पर आधारित प्रश्न

कार्यकारी नियम (Working Rule) :-

1. प्रश्न को ठीक से पढ़कर समझें तथा व्यक्तियों के वर्तमान उम्रों को x एवं y मानें।
2. प्रश्न में दी हुई शर्त के अनुसार x तथा y में दो समीकरण बनायें।
3. इन समीकरणों को हल कर x तथा y का मान ज्ञात करें। यह जाँच कर देख लें कि ये मान प्रश्न में दिये गये शर्तों को संतुष्ट करते हैं या नहीं।

नियम 4. ज्यामितीय तथ्यों पर आधारित प्रश्न JAC

कार्यकारी नियम (Working Rule) :-

1. प्रश्न को ठीक से पढ़कर समझें तथा अज्ञात राशियों को x एवं y मानें।
2. आवश्यकतानुसार पूर्व पठित ज्यामितीय तथ्यों का प्रयोग कर प्रश्न में दी गई शर्तों के अनुसार x तथा y में समीकरण प्राप्त करें।
3. इन दोनों समीकरणों को हल कर x तथा y का मान प्राप्त कर आगे की क्रिया करें।

नियम 5. दूरी, समय तथा गति पर आधारित प्रश्न

कार्यकारी नियम (Working Rule) : –

1. प्रश्न को ठीक से पढ़कर समझें एवं अज्ञात राशियों को , तथा y मानें।
2. प्रश्न में दी गई शर्तों के अनुसार x तथा y में दो समीकरण बनायें।
3. प्राप्त समीकरणों को हल कर x तथा y का मान ज्ञात करें।
4. निम्नलिखित सूत्रों में से जिसकी आवश्यकता हो उसका प्रयोग करें।
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धारा के साथ चाल (धारा की दिशा में चाल) = (धारा की चाल )+ (तैराक की चाल)

शांत जल में धारा के विपरीत चाल = (तैराक की चाल शांत जल में) – (धारा की चाल)

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