भारत में राष्ट्रवाद । पाठ 3 महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर

भारत में राष्ट्रवाद

भारत में राष्ट्रवाद पाठ 3 class 10th notes के इस पोस्ट में आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है इस पोस्ट के माध्यम से आज हम भारत में राष्ट्रवाद पाठ से संबंधित महत्वपूर्ण 17 प्रश्नों का उत्तर, नोट्स,ऑब्जेक्टिव सवाल कवर करने वाले हैं इसलिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें, ताकि आने वाले परीक्षा की तैयारि में आपके लिए मदद मिल सके ।

भारत में राष्ट्रवाद question answer

1 गाँधीजी ने डांडी यात्रा कब और कहाँ से शुरू की ?
उत्तर-
12 मार्च, 1930 ई० में गाँधीजी ने अहमदाबाद के अपने साबरमती आश्रम से शुरू की।

2.असहयोग आंदोलन किसने प्रारम्भ किया ?
उत्तर-
गाँधीजी ने।

3.असहयोग आंदोलन कब से कब तक चलता रहा ?
उत्तर-
1920 से 1922 तक।

4.सविनय अवज्ञा आंदोलन का क्या काल था ?
उत्तर-
1930 से 1934 का काल।

5 डांडी यात्रा का क्या महत्व है?
उत्तर-
डांडी यात्रा (1930 ई०) द्वारा सविनय अवज्ञा आंदोलन को शुरू किया गया।

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6 साइमन कमीशन भारत कब पहुँचा ?
उत्तर-
1928 ई० में।

7 जलियाँवाला बाग हत्याकांड कब घटी ?
उत्तर-
13 अप्रैल, 1919 ई० को बैसाखी के दिन।

8 खिलाफत आंदोलन कब और किसने शुरू किया ?
उत्तर-
खिलाफत आंदोलन 1919 ई० को दो अली भाइयों मुहम्मद अली और शौकत अली ने शुरू किया।

9 ‘हिंद स्वराज’ नामक पुस्तिका के लेखक कौन थे ?
उत्तर
-महात्मा गाँधी।

10 नेहरू रिपोर्ट क्या है ?
उत्तर-
नेहरू रिपोर्ट 10 अगस्त, 1928 को प्रस्तुत की गई। इसने भारत को एक राष्ट्र का दर्जा देने, संसदीय प्रणाली का गठन करने तथा मूल अधिकारों पर जोर दिया।

11 पिकेटिंग से क्या समझते हैं ?
उत्तर-
प्रदर्शन या विरोध का एक ऐसा स्वरूप जिसमें लोग किसी दुकान, फैक्ट्री या दफ्तर के भीतर जाने का रास्ता रोक लेते हैं।

भारत में राष्ट्रवाद extra question answer

12 सविनय अवज्ञा आंदोलन क्यों शुरू किया गया ?
उत्तर-
भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए तथा भारत भूमि को अंग्रेजों के चंगुल से छुड़ाने के लिए महात्मा गाँधी द्वारा सन् 1930 ई० में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया गया।

13 चौरी-चौरा कांड क्या है ?
उत्तर-
यह एक स्थान है जहाँ 1922 ई० में सरकार के विरुद्ध सभा हो रही थी। छेड़खानी की कोई बात न होने पर भी पुलिस ने गोलियाँ चला दी। गुस्से में लोगों ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी जिससे 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई। गाँधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया।

14 स्वराज से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर
-स्वराज का तात्पर्य ऐसी शासन व्यवस्था से है जैसा कि स्वशासी ब्रिटिश उपनिवेशों में स्थापित है। साधारण भाषा में इसका अर्थ है स्वराज।

15 पूर्ण स्वतंत्रता की मांग किसने की?
उत्तर
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन (1929) का विशेष महत्व है। 31 दिसंबर 1929 को लाहौर के कांग्रेस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव पास हुआ। इस अधिवेशन के अध्यक्ष पं. जवाहर लाल नेहरू थे।

16 बहिष्कार के विचार का क्या तात्पर्य है?
उत्तर
-बहिष्कार विरोध का एक गाँधीवादी रूप है। बहिष्कार का अर्थ है-किसी के साथ संपर्क रखने और जुड़ने से इंकार करना, गतिविधियों में हिस्सेदारी से स्वयं को अलग रखना तथा उसकी चीजों को खरीदने तथा इस्तेमाल करने से इंकार करना।

17 गाँधी-इरविन समझौता की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखें।
उत्तर-
गाँधी इरविन समझौता के साथ ही गाँधीजी ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस समझौते की मुख्य विशेषताएँ थीं-
(क) सरकार सभी कैदियों को छोड़ने के लिए तैयार हो गई, जिनके विरुद्ध हिंसा से जुड़ा कोई मामला नहीं था।
(ख) गाँधीजी को प्रतिनिधि के रूप में भेजा गया। JAC

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