भारत का भौतिक स्वरूप पाठ 2 लघु उत्तरीय प्रश्न Ncert Solution For Class 9th Geography

0

भारत का भौतिक स्वरूप पाठ 2 लघु उत्तरीय प्रश्न Ncert Solution For Class 9th Geography के पोस्ट पर आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है, इस पोस्ट के द्वारा पाठ से जुड़ी हर परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्नों को कवर किया गया है, जोकि पिछले कई परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं, और उम्मीद है, आने वाले परीक्षाओं में भी इस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं, इसलिए यदि आप किस पेज पर लैंड किए हैं, तो कृपया करके इस पोस्ट को पूरा अध्ययन करें जिससे आपकी तैयारी और भी अच्छी हो सके, और दूसरे पोस्ट करने की कोई जरूरत ना पड़े तो चलिए शुरू करते हैं |

भारत का भौतिक स्वरूप पाठ 2 लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर Ncert Solutions

भारत का भौतिक स्वरूप पाठ 2 अति लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर
भारत का भौतिक स्वरूप पाठ 2 लघु उत्तरीय प्रश्न प्रश्न के उत्तर
भारत का भौतिक स्वरूप पाठ 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न प्रश्न के उत्तर

1 हिमालय का निर्माण कैसे हुआ था ?
उत्तर-हिमालय पर्वत का निर्माण भारतीय प्लेट के उत्तर दिशा में सरकने और यूरोशियन प्लेट को नीचे से धक्का देने से हुआ है। लगभग साढ़े छः से सात करोड़ वर्ष पहले भारतीय प्लेट के उत्तर में सरकने के कारण टेथिस सागर सिकुड़ने लगा।

लगभग तीन से छः करोड़ वर्ष पूर्व भारतीय एवं यूरेशियाई प्लेटें एक-दूसरे के काफी निकट आ गई। परिणामस्वरूप टेथिस क्षेयकार विभंगित होने लगे। लगभग 2 से 3 करोड़ वर्ष पूर्व हिमालय की पर्वत श्रेणियाँ टेथिस सागर की सतह से ऊपर उभरने लगीं। इन्हीं कारणों से

2 हिमालय का निर्माण हुआ। भारत के उत्तरी मैदान का वर्णन करें।
उत्तर-(क) यह मैदान हिमालय एवं दक्षिण के पठारी भाग के मध्य फैला हुआ है।
(ख) यह मैदान सतलुज के किनारे से गंगा के डेल्टा तक 2400 किमी लम्बा है।
(ग) इस मैदान पर जमी कॉप की मिट्टी की मोटाई पृथ्वी की ऊपरी सतह से 4000 मीटर नीचे तक है।
(घ) यह मैदान हिमालय तथा प्रायद्वीपीय पठार से बहकर आने वाली नदियों के निक्षेपण से बना है।
(ड) इस मैदान के मध्यमान ऊंचाई 180 मीटर व अधिकतम ऊँचाई 300 मीटर है जो अम्बाला-सहारनपुर के बीच है। यहाँ इस मैदान का जल-विभाजक है।
(च) यह मैदान से 300 किमी चौड़ा है।
(छ) जल विभाजक से पूर्व इस मैदान की ढाल मंद होती है।

पाठ 2 – भारत का भौतिक स्वरुप भूगोल के नोट्स| Class 9th

3 मध्य हिमालय किसे कहते हैं ? इसकी क्या विशेषताएँ हैं ?
उत्तर-सर्वोच्च हिमालय के दक्षिण में स्थित पर्वत श्रेणियों को लघु हिमालय या मध्य हिमालय कहते हैं। इसे हिमालय श्रेणी भी कहा जाता है।

विशेषताएँ-

(क) यह हिमालय की मध्यवर्ती श्रेणी है।
(ख) कश्मीर की पीरपंजाल श्रेणी, जम्मू व कश्मीर और हिमालय में फैली धौलाधर श्रेणी लघु हिमालय के ही भाग हैं। नेपाल की महाभारत श्रेणी भी इसी का अंग है।
(ग) इस श्रेणी में बहुत से प्रमुख पर्वतीय नगर पाए जाते हैं। इन पर्वतीय नगरों में डलहौजी, धर्मशाला, शिमला, मसूरी, नैनीताल इत्यादि प्रमुख है।

4 मध्य उच्चभूमि किसे कहते हैं तथा उसकी विशेषताएँ बताएँ।
उत्तर-नर्मदा नदी के उत्तर में प्रायद्वीपीय पठार का वह भाग जो कि मालवा के पठार के अधिकतर भागों पर फैला है, उसे मध्य उच्चभूमि के नाम से जाना जाता है।

विशेषताएँ-

(क) विंध्य श्रृंखला दक्षिण में मध्य उच्चभूमि तथा उत्तर-पश्चिम में अरावली से घिरी है।
(ख) इस क्षेत्र में बहने वाली नदियाँ, चंबल, सिंघ बेतवा तथा केन दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की तरफ बहती है।
(ग) मध्य उच्चभूमि पश्चिम में चौड़ी लेकिन पूर्व में संकीर्ण है।
(घ) इस पठार के पूर्वी विस्तार को स्थानीय रूप से बुंदेलखंड तथा बघेलखंड के नाम से जाना जाता है। इसके और पूर्व के विस्तार को दामोदर नदी द्वारा अपवाहित छोटानागपुर पठार दर्शाता है।

भारत का भौतिक स्वरूप प्रश्न और उत्तर Class 9 ncert Solutions

5 भारत के द्वीपसमूहों का वर्णन करें।
उत्तर-भारतीय गणतंत्र में छोटे-बड़े सैकड़ों द्वीप शामिल हैं। इन द्वीपसमूहों को दो वर्गों में बाँटा जाता है-
(क) बंगाल की खाड़ी में स्थित द्वीपसमूह-इन द्वीपसमूहों में अंडमान निकोबार द्वीप बड़े तथा संख्या में अधिक हैं। इनमें से कुछ की उत्पत्ति ज्वालामुखी उद्गार से हुई है। अंडमान द्वीप बृहद् अंडमान तथा लघु अंडमान में बँटा हुआ है।

पोर्टब्लेयर इस द्वीपसमूह की राजधानी है। पोर्टब्लेयर से बैरन द्वीपसमूह 140 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर-पूर्व पर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित है जबकि नारकोण्डम द्वीप बैरन द्वीप से 150 कि०मी० की दूरी पर है।

(ख) अरब सागर में स्थित द्वीपसमूह- केरल के तट के निकट छोटे-छोटे द्वीपों का एक विशाल समूह को लक्षद्वीप कहते हैं। ये सभी प्रवाल द्वीप हैं अर्थात्इ नकी रचना मूंगे की चट्टानों से हुई है। यह संघ शासित प्रदेश है। कवरती इसकी राजधानी है।

6 शिवालिक में अधिक भूस्खलन क्यों होता है ?
उत्तर-हिमालय पर्वत के सबसे दक्षिणी भाग को शिवालिक श्रेणियाँ कहा जाता है। ये
श्रेणियाँ 10 से 50 किलोमीटर की चौड़ाई में फैली हुई हैं। इनकी ऊँचाई 900 से
1100 मीटर की ऊँचाई के बीच में है। इन श्रेणियों में प्रायः भूस्खलन होता रहता है जिसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं-

(क) सर्वप्रथम, ये श्रेणियों ठोस अवसादों वाले शैलों से नहीं बनी हुई हैं, इसलिए जब चाहे नीचे खिसक जाती हैं।
(ख) दूसरे, इन श्रेणियों से बहकर गुजरने वाली नदियों इन पहाड़ियों की नींव को कमजोर करती रहती हैं, जिन से भी समय पाकर वे नीचे खिसक जाती हैं।

(ग) जब मनुष्य ऐसी श्रेणियों से छेड़छाड़ करता है और ऊपर भारी भवनों का निर्माण करता है तो भवनों के भारी वजन से भी ये श्रेणियाँ नीचे खिसक जाती हैं।
(घ) वर्षा से भी इन श्रेणियों में दरारें पड़ जाती हैं और ये नीचे को खिसक जाती हैं। इन्हीं कारणों से हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल में प्रायः भूस्खलन होता रहता है।

भारत का भौतिक स्वरूप पाठ 2 के नोट्स भूगोल

7 हिमालय की तीन समांतर पर्वत श्रेणियों के नाम बताएँ। इनमें से प्रत्येक की किसी एक विशेषता का वर्णन करें।
उत्तर-हिमालय की तीन समांतर पर्वत श्रेणियाँ-
(क) बृहत् हिमालय या हिमाद्रि,
(ख) लघु हिमालय या हिमाचल और
(ग) बाह्य हिमालय या शिवालिक पर्वत श्रेणी।
हिमाद्रि-हिमाद्रि हिमालय पर्वत माला की उत्तरतम तथा सबसे ऊंची पर्वत श्रेणी है जिसकी ऊँचाई 6000 मीटर से अधिक है। हिमाचल- हिमालय की मध्य पर्वत श्रेणी है जिसमें चकराता, धर्मशाला, कुल्लू-मनाली जैसे बहुत से पर्वतीय नगर हैं। शिवालिक- हिमालय की दक्षिणतम तथा सबसे कम ऊँचाई वाली पर्वत श्रेणी है जो अगठित चट्टानों से बनी है।

8 ‘भाबर* क्या है? इसकी क्या विशेषता है?
उत्तर-शिवालिक पहाड़ियों के गिरिपाद प्रदेश में सिन्धु नदी से तिस्ता नदी तक कंकड़-पत्थरों की एक पतली पेटी पायी जाती है जिसे ‘भाबर’ कहते हैं। भाबर की निम्नांकित विशेषताएँ है-
(क) यहाँ नदियों का जल इन कंकड़-पत्थर की पेटी के नीचे-नीचे बहता है, ऊपर दिखायी नहीं देता।
(ख) यह पेटी 8 से 15 कि०मी० चौड़ी है।
(ग) यह नदी की धारा के समानान्तर पायी जाती है।

9 अपसारी तथा अभिसारी भूगर्भीय प्लेटें में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर-अपसारी तथा अभिसारी भूगर्भीय प्लेटें में अंतर-

अपसारी भूगर्भीय प्लेटें

(a) अपसारी भूगर्भीय प्लेट वह प्लेट है जो एक-दूसरे से दूर जाती है।
(b) इन प्लेटों से भ्रंशन क्रिया होती है तथा धरातल पर भ्रंश पड़ जाते हैं।
(c) इनसे दरार घाटी तथा ब्लॉक पर्वतों का निर्माण होता है।

अभिसारी भूगर्भीय प्लेटें

(a) एक-दूसरे के निकट आने वाली भूगर्भीय प्लेट अभिसारी भूगर्भीय प्लेट कहलाती है।
(b) इस प्रकार की प्लेटों से वलन प्रक्रिया होती है तथा धरातल पर वलय पड़ जाते हैं।
(c) इस प्रक्रिया में वलित पर्वतों का निर्माण होता है।

10 बांगर और खादर में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर-बांगर और खादर में अंतर-

बांगर

(a) गंगा के मैदान में पुरानी जलोद को बांगर कहते हैं।
(b) निरन्तर जलौढ़ के जमने से यह निक्षेप चबूतरा जैसा ऊँचा हो जाता है और बाढ़ का पानी यहाँ नहीं पहुँच पाता।
(c) यह कम उपजाऊ होती है।
(d) यह बाढ़ के मैदान काअभिन्न अंग है

खादर
(a) गंगा के मैदान में नयी जलोढ़ को खादर कहते हैं।
(b) बाढ़ के समय नदी का पानी सारे क्षेत्र में फैल जाता है तथा नयी जलौढ़ की परत जम जाती है।
(c) यह अधिक उपजाऊ होती है।
(d) यह बाढ़ के मैदान का अभिन्न अंग है।

भारत का भौतिक स्वरूप Class 9 Notes

11 पश्चिमी तथा पूर्वी घाट में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर-पश्चिमी तथा पूर्वी घाट में अंतर-

पश्चिमी

(a) पश्चिमी घाट प्रायद्वीप के पश्चिम में स्थित है। इसका विस्तार उत्तर से दक्षिण दिशा में ताप्ती नदी से कन्याकुमारी तक है।
(b) पश्चिमी घाट अधिक श्रृंखलाबद्ध
(c) पश्चिमी घाट पूर्वी घाट की अपेक्षा कम चौड़ा है और इसकी औसत चौड़ाई केवल
50-80 किमी है।

पूर्वी घाट

(a) पूर्वी घाट प्रायद्वीप के पूर्व में स्थित है। इसका विस्तार उत्तर-पूर्व से
दक्षिण-पश्चिम दिशा में महानदी घाटी से नीलगिरि पर्वत तक है।
(b) पूर्वी घाट कटे-फटे व अवशिष्ट पर्वतों के समूह हैं।
(c) पूर्वी घाट अधिक चौड़े हैं। इनकी औसत चौड़ाई 100 से 200 किमी JAC Board

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here