भारत आकार और स्थिति पाठ 1 लघु उत्तरीय प्रश्न | Ncert Solution For Class 9th Geography

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भारत आकार और स्थिति पाठ 1 लघु उत्तरीय प्रश्न Ncert Solution For Class 9th Geography के पोस्ट पर आप सभी विद्यार्थियों का स्वागत है, इस पोस्ट के द्वारा पाठ से जुड़ी हर परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्नों को कवर किया गया है, जोकि पिछले कई परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं, और उम्मीद है, आने वाले परीक्षाओं में भी इस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं, इसलिए यदि आप किस पेज पर लैंड किए हैं, तो कृपया करके इस पोस्ट को पूरा अध्ययन करें जिससे आपकी तैयारी और भी अच्छी हो सके, और दूसरे पोस्ट करने की कोई जरूरत ना पड़े तो चलिए शुरू करते हैं |

भारत आकार और स्थिति पाठ 1 लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर Ncert Solution

भारत आकार और स्थिति पाठ 1 अति लघु उत्तरीय प्रश्न के उत्तर
भारत आकार और स्थिति पाठ 1 लघु उत्तरीय प्रश्न प्रश्न के उत्तर
भारत आकार और स्थिति पाठ 1 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न प्रश्न के उत्तर

1 82°30′ पूर्व देशांतर को भारत की मात्रक याम्योत्तर क्यों माना गया है?
उत्तर-भारत के 68° पूर्व तथा 97° पूर्व देशांतरों के मध्य स्थित है। 82° 30′ देशांतर जो कि भारत के लगभग मध्य से गुजरता है. भारत की मात्रक याम्योत्तर माना गया है।

इस देशांतर का स्थानीय समय संपूर्ण भारत के प्रत्येक स्थान का मानक समय माना जाता है। जब 820 30′ पूर्व देशांतर पर दोपहर के बारह बजे होंगे तो संपूर्ण भारत का समय दोपहर के बारह बजे ही माना जाएगा।

2 कन्याकुमारी और कश्मीर में दिन-रात की अवधि में अंतर क्यों है ?
उत्तर-कन्याकुमारी विषुवत्तीय क्षेत्र के अन्तर्गत आता है चूँकि यह भारत के दक्षिणोत्तर में स्थित है। जो कि कर्क रेखा के दक्षिण में व विषुवत रेखा के उत्तर में स्थित है जहाँ पर 12 घंटे का दिन व 12 घंटे की रात होती है।

परंतु कश्मीर के संदर्भ में ऐसा नहीं है क्योंकि यह समशीतोष्ण क्षेत्र में स्थित है जो कि कर्क रेखा के उत्तर में है। इसीलिए कश्मीर व कन्याकुमारी के दिन और रात की अवधि में अंतर है।

3 भारत की तट रेखा कितनी लंबी है ? इसके चार महत्त्वपूर्ण लाभों का उल्लेख करें।
उत्तर-भारत की तट रेखा लगभग 7.516.5 किमी० लंबी है।
लाभ-
(क) बहुत से महत्त्वपूर्ण बंदरगाहों को स्थापित करने में मदद मिलती है। ये बंदरगाह भारत के लिए विदेश व्यापार का प्रवेश द्वार हैं।
(ख) मत्स्य उद्योग को विकसित करने में सहायक बनी हैं इस उद्योग में भारत के हजारों मछुआरों को रोजगार मिलता है।
(ग) अतीतकाल से ही भारत अपनी लंबी तट रेखा के कारण सामुद्रिक शक्ति रखने वाला देश है। भारत अपने नौ-सेना बल को अभी और अधिक बढ़ा सकता है।
(घ) सामुद्रिक संपदा यथा-पेट्रोलियम उत्पाद, नमक आदि का भारत अनवरोध उपयोग करता है।

भारत आकार और स्थिति प्रश्न उत्तर Ncert Notes

4 हिन्द महासागर के बीच भारत की अवस्थिति से इसको क्या लाभ हैं ?
उत्तर-(क) भारत पूर्व और पश्चिम दोनों ओर से व्यापार और वाणिज्य के अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनुकूल स्थिति में है।
(ख) हिन्द महासागर से होकर ही पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया एवं आस्ट्रेलिया के समुद्री मार्ग गुजरते हैं।
(ग) भारत स्वेज नहर तथा केप ऑफ गुड होप से होकर यूरोप महाद्वीप और उत्तरी अमेरिका के साथ जुड़ा हुआ है। इस नहर ने लगभग 7000 किमी० की दूरी को घटा दिया है।

5 भारत के लिए हमें एक मानक मध्याहन रेखा की आवश्यकता क्यों है ? बताएँ।
उत्तर-पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ती है। पूरे पृथ्वी को 360° देशांतर रेखाओं में बाटी गई है। लंदन के ग्रीनविच को प्रधान देशांतर रेखा माना गया है।

प्रधान देशांतर रेखा से पूर्व या पश्चिम में किसी स्थान की कोणीय दूरी को देशांतर रेखा कहते हैं। प्रधान देशांतर रेखा के पूर्व में 180 रेखाएँ हैं और पश्चिम में भी 180 रेखाएँ हैं।

लेकिन प्रधान देशांतर रेखा से पूर्व देशांतर पर जाने में एक देशांतर रेखा से दूसरे देशांतर रेखा तक जाने में 4 मिनट का समय बढ़ता है लेकिन पश्चिम की तरफ बढ़ने पर 4 मिनट का समय घटता है।

इस तरह अलग-अलग देशांतर रेखाओं पर स्थित स्थानों का स्थानीय समय अलग-अलग होता है। अलग-अलग स्थानों के स्थानीय समय में इस अंतर के कारण अनेक कठिनाइयाँ हो सकती हैं जैसे- रेलगाड़ियों की समय-सारणी बनाने में, आकाशवाणी का कार्यक्रम प्रसारित करने में आदि।

अतः आवश्यक है कि देश का मध्यवर्ती स्थान का स्थानीय समय पूरे देश का मानक समय माना जाए। इसलिए हमारे देश को भी मानक मध्याह रेखा की आवश्यकता है।

भारत आकार और स्थिति प्रश्न उत्तर कक्षा 9

6 भारत का देशांतरीय विस्तार कितना है ? इसके दो प्रभाव बताएँ।
उत्तर-भारत का विस्तार लगभग 6807′ पूर्व से लेकर 97°25′ पूर्व तक है। भारत लगभग 30° देशान्तरों के बीच में विस्तृत है। इसके प्रभाव निम्नांकित हैं-
(क) भारत का पूर्व-पश्चिम विस्तार लगभग 6807′ पूर्वी से लेकर 97°25′ पूर्वी देशान्तरों के मध्य अर्थात् 300 देशान्तरों के मध्य में है।
(ख) पूर्व और पश्चिम सिरों के स्थानीय समय में 2 घंटे का अंतर पाया जाता है क्योंकि पृथ्वी को अपने अक्ष पर 360° या एक चक्कर लगाने में 24 घंटे का समय लगता है। अतः 30° घूमने में उसे 2 घंटे का समय लगता है। पूर्व में समय आगे है। अतः भारत के पश्चिमी सिरे की तुलना में पूर्वी सिरे पर सूर्य 2 घंटे पहले उदय होता है और 2 घंटे पहले अस्त होता है। JAC Board

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