बीजगणित (ALGEBRA) का सूत्र

बीजगणित के महत्वपूर्ण सूत्र

बीजगणित (ALGEBRA) का सूत्र परिचय

बीजगणित (ALGEBRA)का सूत्र के इस ब्लॉग में आज हम सभी विद्यार्थी इनसे सबंधित सभी तरह जानकारी को विस्तार से नजर डालेंगे , इसमें हम जो सूत्र का अध्ययन करेंगे वह सभी क्लास जैसे पाँचवी , छठवीं , सातवीं , आठवीं नववीं ,दसवीं ,ग्यारवीं बारहवीं ( Class 5th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th, 11th, 12th) एवं अन्य सभी परीक्षा के लिए उपयोगी सूत्र आपको इस ब्लॉग में पढ़ने को मिलेगा , आप इस ब्लॉग के माध्यम से बीजगणित के अंतर्गत आने वाले सभी गणित के सूत्र के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते है ,

ALGEBRA के सूत्र साथ इनका भी जरूर अध्ययन करें

  • दो चरों वाले रैखिक समीकरण ।(Linear Equations in two Variables)
  • बहुपदों के महत्तम समापवर्तक और लघुतम समापवर्त्य (Highest Common Factor and Lowest Common Multiple)
  • परिमेय व्यंजक (Rational Expression)
  • द्विघात समीकरण (Quadratic Equation)
  • समान्तर श्रेढ़ी (Arithmetic Progressions)
    Some More Objective Questions

1. (a+b)2=a2+2ab+b2 

2. (a-b)2=a2-2ab+b2 

3. ( a-b)2=(a+b)2-4ab 

4. (a+b)2=(a-b)2+4ab

5. a2+b2=(a+b)2-2ab

6. a2+b2=(a-b)2+2ab

7. a2-b2=(a+b)(a-b) 

8. (a+b)3=a3+3a2b+3ab2+b3 

9. (a+b)3=a3+b3+3ab(a+b) 

10. (a-b)3=a3-3a2b+3ab2-b3 

11. (a-b)3=a3-b3-3ab(a-b) 

12. a3+b3=(a+b)(a2-ab+b2)

13. a3+b3=(a+b)3-3ab(a+b)

14. a3-b3=(a-b)(a2+ab+b2)

15. a3-b3=(a-b)3+3ab(a-b)

16. यदि a+b+c=0 तो a3+b3+c3=3abc

17. a2(b-c)+b2(c-a)+c2(a-b)=-(b-c)(c-a)(a-b)

18. bc(b-c)+ca(c-a)+ab(a-b)=-(b-c)(c-a)(a-b)

19. a(b2-c2)+b(c2-a2)+c(a2-b2)=(b-c)(c-a)(a-b)

20. a2+b2+c2-ab-bc-ca=½[(a-b)2+(b-c)2+(c-a)2]

21. (a+b)4=a4+4a3b+6a2b2+4ab3+b4

22. (a-b)4=a4-4a3b+6a2b2-4ab3+b4

23. (a+b+c)2=a2+b2+c2+2ab+2bc+2ac

24. (a-b-c)2=a2-b2-c2-2ab+2bc-2ac

25. (a+b+c)3 = a3+b3+c3+3(a+b)(b+c)(c+a)

26. a3+b3+c3-3abc=(a+b+c)(a2+b2+c2-ab-bc-ac)

दो चरों वाले रैखिक समीकरण (Linear Equations in two Variables)

दो चरों वाले रैखिक समीकरण के निकाय को हल करने की दो विधि है जो इस प्रकार है –

1 . आलेखी विधि ( Graphical method )

आलेखी विधि ( Graphical method ) के माध्यम से हल करने पर आपको इन बातों को जरूर ध्यान देना चाहिए की वह आलेख में मान लिया आलेख को क्रमशः रेखाओं l तथा m से प्रकट किया जाय तो तीन सम्भावनाएँ है:-

(i) l और m एक दूसरे को प्रतिच्छेद कर सकते हैं।
(ii) l और m एक दूसरे के समान्तर हो सकते हैं।
(iii) l और m संपाती हो सकते हैं।


(1) जब l और m एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हों :- इस स्थिति में समीकरण निकाय का अद्वितीय हल मिलता है। प्रतिच्छेद
बिन्दु का भुज (abscissa) और कोटि (ordinate) ही अभीष्ट हल होता है। रैखिक समीकरणों का निकाय अविरोधी या संगत
(consistent) कहलाता है यदि इसका हल संभव है।

(ii) जब / औरm समांतर हों:– इस स्थिति में समीकरण निकाय का कोई हल नहीं मिलता है। रैखिक समीकरणों का
निकाय विरोधी या असंगत (inconsistent) कहलाता है यदि इसका हल असम्भव है।

(iii) जब । और m संपाती (Coincident) हों :- इस स्थिति में चर x का कोई स्वेच्छ (arbitrary) मान लिया जाय
तथा उसके संगत (corresponding) निकाय के किसी समीकरण से दूसरे चर y का मान निकाला जाय तो ये सभी मान
दिए गए समीकरण निकाय के हल होंगे।

2 . बीजीय विधि ( Algebraic method )

दो चर वाले युगपत रैखिक समीकरण का हल ज्ञात करने की आलेखी विधि हम देख चुके हैं। आलेखी विधि से समीकरणों का
हल करना असुविधाजनक है तथा इस विधि से हल भी ठीक ठीक प्राप्त नहीं होते हैं। युगपत रैखिक समीकरणों का हल ठीक-ठीक
(exact solution) प्राप्त करने के लिए बीजीय विधि का उपयोग किया जाता है। युगपत समीकरण को हल करने की निम्नलिखित चार बीजीय विधियाँ हैं:-

(i) तुलनात्मक विधि (Method of Comparison)

(ii) प्रतिस्थापन विधि (Method of Substitution)

(iii) लुप्तीकरण विधि या गुणांकों को बराबर करने की विध (Method of Elimination or Method ofEquating the Co-efficients)

(iv) बज्र गुणन विधि (Method of Cross Multiplication)

गणित के महत्वपूर्ण सूत्र 

क्षेत्रमिति (mensuration )

 

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