औपचारिक पत्रों के उदहारण

औपचारिक पत्र लेखन व उसके उदाहरण

औपचारिक पत्र के उदहारण परिचय

औपचारिक पत्र के उदहारण में विशेषकर औपचारिक पत्र किसी भी सरकारी या प्राइवेट कार्यालयों से जुड़े साहब, व्यक्तियों या अधिकारियों को लिखा जाता है।व्यक्ति सामान्यतया अपरिचित होते हैं। इसलिए ऐसे पत्र मुख्यरूप से स्कूल के प्रधानाचार्य या हेडमास्टर, सरकारी विभाग के अधिकारियों , मिडिया या अखबार के संपादकों के नाम  या नगर निगम के साहब , बिजली या पानी विभाग के मुख्य अधिकारियों या लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों आदि को इस तरह का पत्र लिखे जाते हैं।

1. प्रधानाचार्य को आर्थिक सहायता के लिए प्रार्थना-पत्र लिखें। 


उत्तर-  सेवा में, 

प्रधानाचार्य, उच्च विद्यालय, राँची (झारखंड)।

  विषय- आर्थिक सहायता के लिए प्रार्थना-पत्र।              

 महाशय,                                 

सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय में दसवीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। गत वर्ष मेरे पिताजी  का आकस्मिक निधन हो गया था। आर्थिक दृष्टि से सारा परिवार उन्हीं पर निर्भर था। उनके देहांत से    हमारी आर्थिक स्थिति बड़ी दयनीय हो गयी है। मेरी माताजी दूसरों के घरों में छोटे-मोटे काम करके जैसे-तैसे अपना तथा भाई-बहनों का पेट पालते हैं। ऐसी स्थिति में मेरे लिए अपनी पढ़ाई का खर्चा चलाना असंभव है।             

 आपसे, मेरी तीव्र इच्छा है कि मैं अपनी पढ़ाई का क्रम बनाए रखकर, एम० ए० की परीक्षा पा करूँ। मैं नवीं तक सभी श्रेणियों में सदैव अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होता रहा हूँ। मैंने अनेक बार भाषण तथा वाद-विवाद प्रतियोगितायों में पुरस्कार जीते हैं।मेरी आपसे प्रार्थना है कि मुझे विद्यालय की ओर से आर्थिक सहायता दिलवाने की कृपा करें जिससे मेरी पढ़ाई का खर्च चल सके। मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।                                                     

 आपका आज्ञाकारी छात्र            

 दिनांक- 24-2-2020                          

 रमेश                                                                   

कक्षा-X’ब’ 


2. औपचारिक पत्र के उदहारण में अपने प्रधानाचार्य को आवेदन-पत्र लिखकर अपना मासिक शुल्क  कम करने की प्रार्थना करें। 


उत्तर-  सेवा में, 

प्रधानाचार्य  महोदय,                       

आदिवासी उच्च विद्यालय गुमला झारखंड            

विषय- मासिक शुल्क कम कराने के लिए प्रार्थना-पत्र।           

महाशय,                     

सविनय निवेदन है कि मैं दसवीं कक्षा का छात्र हूँ। मैं एक निर्धन परिवार  संबंध रखता हूँ। मेरे  पिताजी की कपड़े की एक छोटी-सी दुकान है जिससे आमदनी नहीं हो पाती कि परिवार का भरण- पोषण  सुचारु  रुप से हो सके। मेरे पिताजी मेरी पढ़ाई-लिखाई के बोझ को उठाने में असमर्थ हैं। मैं आपस प्रार्थना करता हूँ कि आप मेरे मासिक शुल्क कम करने की कृपा करे जिससे मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँ। मैं आपको पूर्ण विश्वास दिलाता हूँ अपने आचरण और पठन-पाठन में आपको किसी शिकायत का मौका न दँगा।

धन्यवाद।                                                                     
 आपका आज्ञाकारी शिष्य                                                                                                                                                                      

रमेश                                                 

कक्षा-X           

दिनांक- 15.06.2020

3. दसवीं कक्षा चार दिनों की छुट्टी के लिए प्रधानाध्यापक के पास एक आवेदन पत्र लिखें। 


उत्तर-  सेवा में,                       

प्रधानाचार्य महोदय,                     

 जिला स्कूल, गुमला झारखंड ।               

विषय- चार दिन के अवकाश के लिए प्रार्थना-पत्र।               

महाशय,                       

सविनय निवेदन यह है कि कल अचानक मेरा स्वास्थ खराब हो गया। स्कूल से लौटते हुए चिल -चिलाती धूप लगने से मुझे जोर का सिर-दर्द हुआ, जिससे मैं बेचैन हो उठा। मुझे अब काफी शारीरिक कमजोरी अनुभव हो रही है। मैं स्कूल आने की स्थिति में नहीं हूँ। डॉक्टर ने भी मुझे पूर्ण विश्राम का परामर्श दिया है।             

अतः आपसे निवेदन है कि कृपया मुझे आज का अवकाश प्रदान करने अनुगृहीत करें। मैं सद आपका आभारी बना रहूंगा                                           

आपका आज्ञाकारी छात्र                                                      

प्रत्युष कुमार             

  दिनांक 10/04/2006       

Class 10th


4. औपचारिक पत्र के उदहारण में
प्रधानाध्यापक के पास छात्रावास में स्थान के लिए, आवेदन-पत्र   लिखें।


उत्तर-  सेवा में,                       

श्रीमान प्रधानाध्यापक महोदय                       

जिला स्कूल गुमला झारखंड।               

विषय- छात्रावास में स्थान के लिए।               

महाशय,                         

सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय के दशम् वर्ग का छात्र हूँ और मेरा घर यहाँ से   काफी  दूर है। वहाँ से रोज-रोज आना-जाना मेरे लिए संभव नहीं है और इसमें मेरी पढाई में बाधा पड़ने की संभावना है।                     

अतः आपसे अनुरोध है कि विद्यालय के छात्रावास में मुझे स्थान देने की कृपा करें। आपकी इस कृपा के लिए मैं सदा आभारी रहूँगा।               

धन्यवाद।                        

आपका आज्ञाकारी शिष्य                                                                     

अनुज               

 दिनांक- 02.06.2006               

दसवीं कक्षा

5. जुर्माना माफ कराने के लिए प्रधानाचार्य को प्रार्थना-पत्र लिखें।


सेवा में,                   

श्रीमान प्रधानाध्यापक महोदय                   

जिला स्कूल गुमला झारखंड।           

विषय- जुर्माना माफ कराने के लिए प्रार्थना पत्र ।           

महाशय,                     

सविनय निवेदन यह है कि मैं दिसंबर परीक्षा में नकल करते पकड़ा गया था। अंग्रेजीअध्यापक ने मुझे नकल करते पकड़ लिया। उन्होंने मुझे नकल का दोषी पाकर 10 रुपए जुर्माना कर दिया। मैं अपने निंदनीय कार्य के लिए बड़ी लज्जा का अनुभव कर रहा हूँ मान्यवर, इस भूल के लिए मेरे पिताजी को दंडित न करें। मैं विनम्रतापूर्वक और सच्चे हृदय से अपनी भूल स्वीकार करता हूँ और इसके लिए शत्-शत बार क्षमा याचना करता हूँ। साथ ही आपको यह विश्वास  दिलाता हूँ कि भविष्य में ऐसी भूल नहीं करूँगा।                       

मेरी आपसे सविनय प्रार्थना है कि आप कृपा करके मेरा जुर्माना माफ कर दें। इसके लिए मै आपका आजीवन कृतज्ञ रहूँगा।    

आपका आज्ञाकारी शिष्य                                               

पवन कुमार   

दिनांक- 30.03.2020                                            

कक्षा- 10 (अ)


6. प्रधानाचार्य को चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्ति के लिए प्रार्थना पत्र लिखें।


 उत्तर- सेवा में,                       

श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय                       

एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय                       

घाघरा गुमला झारखंड               

विषय- चरित्र प्रमाण के संबंध में प्रर्थना पत्र।               

महाशय,                       

सविनय विनम्र निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय में सत्र 2018-2020 में 10वीं कक्षा में पढ़ता था। बीमार हो जाने के कारण 12 नवंबर को मेरा नाम निरंतर अनुपस्थित रहने के कारण काट दिया गया  था। अपनी लंबी बीमारी के कारण मैं अपनी शिक्षा को जारी नहीं रख सकता कृपया मुझे स्कूल छोड़न प्रमाण-पत्र और चरित्र-प्रमाण पत्र देकर कृतार्थ करें। आपकी इस कृपा के लिए मैं सदा आभारी रहूँगा।                                                                     

आपका विश्वासी                 

दिनांक-20.06.2006                        

रमेश कुमार


7.     औपचारिक पत्र के उदहारण में
दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण परीक्षा देने में अपनी असमर्थता प्रकट  करते हुए प्रधानाचार्य को एक आवेदन पत्र लिखें। 


उत्तर- सेवा में,                       

श्रीमान प्रधानाचार्य  महोदय                       

संत जेवियर स्कूल,                       

तमाड़, राँची।             

विषय- परीक्षा देने में असमर्थता।             

महाशय,                       

सविनय निवेदन है कि मैं 10वीं कक्षा का छात्र हूँ। गत सप्ताह एक दर्घटना में मेरी टाँग टूट गयी थी, जिस पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार मैं विस्तर पर आराम करने के लिए विवश हूँ। अतः इस बार दिसंबर माह में होनेवाली परीक्षाएँ नहीं दे सकता। आशा है, आप मेरी स्थिति को समझते हुए इस बार मुझे परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त कर देंगे।                                             

आपका आज्ञाकारी छात्र                                                       

संतोष सिंह                                                       

कक्षा- 10,                                                       

क्रमांक-58

8. अपने क्षेत्र के पोस्टमास्टर से डाक-वितरण में गड़बड़ी की शिकायत करें। 


उत्तर-  सेवा में,                           

पोस्टमास्टर महोदय,                           

घाघरा गुमला जी० पी० ओ०, गुमला               

विषय- डाक वितरण में गड़बड़ी के संबंध में।               

महाशय,                         

मुझे खेद के साथ अपने मुहल्ले में डाक-वितरण की गड़बड़ी के संबंध में आपका ध्यान आकृष्ट करना पड़ रहा है। विगत तीन चार माह से मेरे मुहल्ले में डाक-वितरण की स्थिति ठीक नहीं है। यह स्थिति नये डाकिया के आने के बाद हुई है। डाकिया प्रतिदिन नहीं आता है, और आने पर मुहल्ले के किसी खेलने वाले बच्चों को डाक देकर चला जाता है, परिणामतः डाक समयानुसार प्राप्त नहीं हो  पाता  है, या बहुत दिनों के बाद मिलता है। इससे मुहल्ले के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कुछ अत्यावश्यक रजिस्ट्री पत्र समयानुसार उपलब्ध नहीं होने के कारण मुहल्ले को एक-दो लोगों को नौकरी से वंचित रह जाना पड़ा है।                       

अतः श्रीमान् से विनम्र निवेदन है कि इस क्षेत्र के डाकिये के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही कर, डाक वितरण प्रणाली को ठीक कराया जाया                                                           

भवदीय                                                         

अनुज कुमार                                                         

घाघरा गुमला                                                                                                   

दिनांक- 12/03/2020

9. पोस्टमास्टर को मनीआर्डर गुम होने पर शिकायत पत्र लिखें।

उत्तर-  सेवा में,                         

डाकपाल महोदय,                         

मुख्य डाकघर, घाघरा गुमला               

विषय- मनीआर्डर गुम होने की शिकायत ।               

महाशय,                           

सविनय निवेदन है कि 20 दिन पहले आपके मुख्य डाक घर से पांच सौ रुपए का मनीआर्डर करवाया था। यह धनादेश मैंने अपने माता-पिता के पास श्री रामजी, नगर जकुवा टोली सिसई, के पते पर भेजा था। बीस दिन हो गए हैं। अभी तक वह धनादेश नहीं पहुंचा है, न ही वापस मुझे मिला है और नहीं इस विषय की कोई सूचना मुझे प्राप्त हुई है इस कारण परेशानी खड़ी हो गयी है।                               

धनादेश की रसीद सं0-663, दिनांक- 05/02/2020 है। मैं इसकी एक छायाप्रति भी आपके पास भेज रहा हूँ। कृपया शीघ्र अति शीघ्र इस लापता धनादेश की जाँच करके उक्त पते पर भिजवा दें,  तथा मुझे सूचित करें | आशा है कि आप शीघ्र कार्रवाही करेंगे।                           

धन्यवाद                      

 भवदीय 
 रमेश 

हरी बारला


10. औपचारिक पत्र के उदहारण में
अपने क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप का वर्णन करते हुए उचित कार्यवाई के लिए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखें। 


उत्तर- सेवा में,                             

श्रीमान् स्वास्थ्य अधिकारी,महोदय,                             

राँची नगरपालिका, राँची।                 

 विषय- मच्छरों का बढ़ता प्रकोप।                 

 महाशय,                             

सविनय निवेदन है कि मैं आपका ध्यान मच्छरों के प्रकोप की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ। मैं कोकर क्षेत्र का निवासी हूँ। मच्छरों के कारण घर-घर में मलेरिया फैला हुआ है। इन मच्छरों के कारण स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है, हमारे क्षेत्र में मच्छरों की अधिकता का बड़ा कारण है- पानी के जमे हुए तालाब और गली-मुहल्लों में फैली चौड़ी-चौड़ी खुली नालियाँ है। मुहल्ले के जमादार सफाई की ओर ध्यान नहीं देते, इसलिए नालियों में सदा मल जमा पड़ा रहता है। हमने कई बार निवेदन किया है कि नालियों की सफाई    समय  पर कराई जाए, जिसे मच्छरों का मुख्य अड्डा समाप्त हो जाए, किंतु इस ओर कभी ध्यान नहीं  दिया गया।                             

 इस बार अत्यधिक वर्षा के कारण सब जगह कीचड़, मल और बदबूदार जल का प्रकोप हो  गया है। अतः मैं पुनः कोकर के निवासियों की ओर से आप से निवेदन करता हूँ कि मच्छरों को समाप्त करने के लिए घरों में मच्छरनाशक छिड़कने  की व्यवस्था की जाए।आशा है आप शीघ्र कार्यवाही करेंगे।                   

धन्यवाद                                  

भवदीय                 

दिनांक-05.03.2020              

रूही बारला

11. कोकर नक्षेत्र की गंदगी की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखें।

उत्तर- सेवा में,                           

श्रीमान् स्वास्थ्य अधिकारी जमशेदपुर                           

नगर निगम जमशेदपुर।               

विषय- मुहल्ले की सफाई कराने हेतु प्रार्थना-पत्र।               

महाशय,                         

सविनय निवेदन है कि  हम आपका ध्यान मुहल्ले की सफाई संबंधो दुरव्यवस्था की ओर खींचना चाहते हैं। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि हमारे मुहल्ले की सफाई हेतु नगर निगम का कोई सफाई-कर्मचारी दस दिनों से काम पर नहीं आ रहा है। घरों की सफाई करने वाले कर्मचारियों ने भी मुहल्ले मे स्थान-स्थान पर गंदगी और कूड़े-कर्कट के ढेर लगा दिए हैं।               

आज स्थिति यह है कि मुहल्ले का वातारण अत्यंत दूषित तथा दुर्गंधमय हो गया है। मुहल्ले से गुजरते   हुए नाक बंद कर लेनी पड़ती है। चारों ओर मक्खियों की भिनभिन्नाहट है। रोगों के कीटाणु प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। नालियों की सफाई न होने के कारण मच्छरों का प्रकोप इस सीमा तक बढ़ गया है कि दिन  का चैन और रात की नींद हराम हो गयी है।  वर्षा ऋतु प्रारंभ होने वाली है। यथासमय मुहल्ले की सफाई न होने पर मुहल्ले की  दुरव्यवस्था का अनुमान लगाना कठिन है। महोदय से आग्रह है कि यथाशीघ्र हमारे मुहल्ले का निरीक्षण करें तथा सफाई का नियमित प्रबंध करें। अन्यथा मुहल्ला-निवासियों के स्वास्थ्य पर इसका कुप्रभाव पड़ने की आशंका है। आपकी ओर उचित कार्यवाही के लिए हम आपके आभारी रहेंगे।                                                               

भवदीय                                                             

मुहल्लेवासी                                                           

 वार्ड सं0 30

12. घाघरा में कुछ दिनों से आपके क्षेत्र में अपराध बढ़ने लगे हैं। उनकी रोकथाम के लिए थानाध्यक्ष को पत्र लिखें। 


उत्तर- सेवा में,                         

श्रीमान् घाघरा थानाध्यक्ष                         

लोवर बाजार, घाघरा               

विषय- अपराधों की रोकथाम के लिए थानाध्यक्ष को पत्र।               

महाशय,                         

पिछले कुछ महीनों से लोवर बाजार, घाघरा  क्षेत्र में अपराधों की संख्या बढ़ गई है, दिन दहाड़े चलते हुए राहगीरों को लूटा जाता है और तो और गोली मार दी जाती है, बलात्कार से संबंधित घटनाएं रोजमर्रा  हो गई है, दिन-रात चोरी का भय बना रहता है ।                    

अतः आपसे अनुरोध है कि इस क्षेत्र में पुलिस गश्त का उचित प्रबंध बढ़ाने का प्रयास किया जाए ताकि अपराधियों पर रोक लग सकें               

धन्यवाद ।                          

आपका विश्वासी               

दिनांक- 08.04.2006             

मुहल्लेवासी                                                           

वार्ड सं0 100,


13. औपचारिक पत्र के उदहारण में मेदिनीनगर नगर-निगम के गृह-कर अधिकारी को अपना गृह- कर बिल ठीक कराने के लिए पत्र लिखें। 


उत्तर- सेवा में,                       

श्रीमान् सिमडेगा नगर-निगम सिमडेगा।               

विषय- गृह-कर बिल में संशोधन।               

महाशय,                             

सविनय निवेदन है कि मैं सेक्टर-10, मकान सं० 633 का निवासी हूँ। इस वर्ष मेरे मकान का गृह-कर पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना कर दिया गया है। न तो मेरे मकान में कोई किरायेदार बढ़ा है, न अन्य कोई कारण है, जिसके लिए यह कर बढ़ा दिया गया है। अतः आपसे प्रार्थना है कि मेरा गृह-कर पिछले वर्ष से अधिक न बढ़ाएँ। मैं रिटायर्ड हूँ। मेरी आय का साधन मेरा पेंशन है। अतः कृपा  करके इस बिल में संशोधन करें, ताकि मैं यथासमय बिल भर सकूँ। धन्यवाद                                                             

आपका विश्वास               

दिनांक- 10.03.2020              

सोहनलाल

14. सड़क-परिवहन के प्रबंधन को बसों की कुव्यवस्था के लिए शिकायती-पत्र लिखें।

 
उत्तर- सेवा में,                         

श्रीमान् प्रबंधक महोदय,                         

सड़क परिवहन निगम, राँची।               

विषय- बसों की कुव्यवस्था ठीक करने के संदर्भ में।               

महाशय,                             

मुझे दुःखपूर्वक सूचित करना पड़ रहा है कि पटना परिवहन निगम की बसें जनता की अनदेखी करके मनमाना व्यवहार कर रही हैं। बसों के रूट, स्टैंड जनता की आवश्यकतानुसार न होकर बस-चालकों की सुविधानुसार हैं। जहाँ कहीं स्टैंड ठीक जगह हैं। वहाँ बस के चालक- परिचालक जनता की भीड़ को देख कर बसें ही नहीं रोकते। इस कारण जनता को भारी परेशानी का  सामना करना पड़ रहा है।                             

राँची परिवहन निगम की बसों की हालत भी अच्छी नहीं है। बसों की अपर्याप्त संख्या बड़ी चिंता का विषय है। राँची की बढ़ती हुई जनसंख्या के अनुपात से बसों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं की जा रही है। इस कारण बसों की भीड़ में चढ़ना बहुत कठिन काम हो गया है।                              

आपसे निवेदन है कि बसों की इन कुव्यवस्थाओं को यथाशीघ्र ठीक करें ताकि हम राँची वासी  चैन से कहीं आ-जा सके।   धन्यवाद                        

भवदीय                                                           

सुमन जैन

15. औपचारिक पत्र के उदहारण में अपने क्षेत्र में बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयों का वर्णन करते हुए किसी अखबार के संपादक को पत्र लिखें। 


उत्तर- सेवा में,                       

श्रीमान् प्रधान संपादक महोदय,                       

प्रभात खबर, कोकर, रांची।               

 विषय- बिजली संकट से परेशानियाँ ।                 

महाशय,                           

सविनय निवेदन है कि मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से बिजली संकट और उससे उत्पन्न कठिनाइयों की ओर सरकार तथा अन्य अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करना चाहूँगा आशा है,आप इस विषय की गंभीरता को समझते हुए अवश्य अपने पत्र में स्थान देंगे आजकल बिजली-बोर्ड की ओर से नित्य बिजली की कटौती की जा रही है। प्रायः दिनभर बिजली गायब रहती है। रात को वह आंख-मिचौनी खेलने लगती है। गर्मी के दिन हैं। बिजली के कारण सारा जन-जीवन संकटग्रस्त है। नगर का सारा औद्योगिक क्षेत्र ठप पड़ा है। नित्य की मजदूरी पर आश्रित हजारों मजदूरों की उस दिन रोजी मारी जाती है। उन्हें भूखे रहने को विवश होना पड़ता है।               

 आज छापाखाना, फोटोग्राफी आदि कई आवश्यक व्यापार-सेवाएँ ऐसी हैं, जो पूर्णतया बिजली पर आधारित है। अस्पताल में तड़पते हए रोगियों की दशा चिंतनीय है। रात के अंधेरे के कारण अनेकानेक दुर्घटनाएँ तो होती ही है, छात्रों के भविष्य पर भी इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।

अतः    बिजली बोर्ड के अधिकारियों से मेरा आग्रह है कि वे और अधिक बिजली का उत्पादन करें, ताकि जन-जीवन अस्त-व्यस्त न हो।                   

धन्यवाद                        

भवदीय                 

दिनांक-20.03.2020        

रमन कुमार, हटिया

 

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